New Delhi: कांग्रेस के लगातार बिखराव के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) अपने दम पर भारतीय जनता पार्टी को टक्कर देने की तैयारी में है। आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसके लिए रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में देश भर में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संदीप पाठक ने इसके संकेत दे दिए हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव देश भर में बिना किसी के साथ गठबंधन किए अपने दम पर लड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों पर समान विचारधारा वाले दलों के साथ रहेगी।
छोटे राज्यों में पकड़ कर रही मजबूत
आप (AAP) पार्टी ने दिल्ली में परचम लहराने के बाद देश के अन्य छोटे राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कदम उठाया है और इसमें पार्टी को सफलता भी मिली है। पार्टी ने पंजाब में अपनी सरकार बनाई तो वहीं गुजरात चुनाव में पार्टी का खाता खुल गया है और 5 विधायक बने हैं। 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में आप के दो विधायक हैं। वहीं वर्ष 2023 के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित 9 राज्यों में विधान सभा चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी। राजनीति के जानकार कहते हैं कि विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए एक ट्रायल होगा। जिसके आधार पर वह लोकसभा चुनाव से पहले मूल्यांकन करेगी।
समान विचारधारा वाली पार्टी से करेगी तालमेल
आप के सबसे प्रमुख चेहरे अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री पद के लिए बतौर उम्मीदवार पेश किए जाने के संबंध में सवाल किए जाने पर पाठक ने कहा है कि देश को तय करने दीजिए कि प्रधानमंत्री किन्हें बनना चाहिए। पाठक ने कहा कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर आप समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ रहेगी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में आप ने नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और केवल एक सीट
Written By- दिलीप पाल
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