नई दिल्ली। लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण पर चल रही बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक का विरोध दरअसल महिला आरक्षण के साथ-साथ SC-ST सीटों के विस्तार का भी विरोध है।
अमित शाह ने क्या कहा?
अमित शाह ने सदन में कहा कि विपक्ष के कुछ दल पहले समर्थन की बात करते हैं, लेकिन “अगर-मगर और किंतु-परंतु” के जरिए इस बिल का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रक्रिया का नहीं, बल्कि सीधे महिला आरक्षण का विरोध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन का विरोध करना दरअसल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटों के विस्तार का भी विरोध है।
परिसीमन पर सरकार का पक्ष
गृह मंत्री ने कहा कि:
देश में कई लोकसभा क्षेत्रों में 20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं
ऐसे में एक सांसद के लिए प्रभावी प्रतिनिधित्व मुश्किल हो जाता है
परिसीमन संविधान के अनुसार जरूरी प्रक्रिया है
उन्होंने यह भी कहा कि 1971 के बाद से सीटों को फ्रीज कर दिया गया था, जिसे अब नए जनसंख्या संतुलन के अनुसार अपडेट करना जरूरी है।
विपक्ष पर निशाना
अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे देश की जनता के फैसले और संवैधानिक प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ही लोकतंत्र में अंतिम निर्णय देती है।