लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग सीटों की संख्या बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, वे यह भी समझें कि वे एससी-एसटी आरक्षण सीटों में बढ़ोतरी का भी विरोध कर रहे हैं।
महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में तीखी बहस
चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दो शर्तें रखीं—पहली, 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के लिए आधिकारिक संशोधन लाया जाए और दूसरी, परिसीमन संशोधन बिल को अलग रखा जाए।
अमित शाह बोले- विपक्ष का वोट नहीं मिला तो बिल गिर जाएगा
इस पर अमित शाह ने कहा कि वह पहले प्रस्ताव के लिए तैयार हैं और स्पीकर से एक घंटे का समय मांगते हुए कहा कि वे संशोधन लेकर आ सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरी शर्त स्वीकार नहीं है, क्योंकि यह बिल को टालने का प्रयास है।
शाह ने आगे कहा कि यदि विपक्ष वोट नहीं देगा तो बिल गिर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं यह देख रही हैं कि उनकी राह में कौन बाधा डाल रहा है और सरकार इस विषय पर पूरी तरह संशोधन के लिए तैयार है।
लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़े परिसीमन संबंधी तीन संशोधित बिलों पर दूसरे दिन भी चर्चा जारी रही। इन पर आज मतदान होने की संभावना है।