बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल से ठीक पहले केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना यानी PLI को फिलहाल रोक दिया है। वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों की ओर से योजना की संरचना को लेकर उठाई गई आपत्तियों का संज्ञान लेते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इसके क्रियान्वयन को स्थगित करने का फैसला किया है। मंत्रालय के अनुसार अब इस मुद्दे पर द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त वार्ता के दौरान आगे चर्चा की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बैंक यूनियनें योजना की मौजूदा संरचना में बदलाव की मांग को लेकर लगातार दबाव बना रही हैं।
आखिर PLI योजना को लेकर क्यों है विवाद
बैंक यूनियनों का मुख्य विरोध प्रस्तावित प्रोत्साहन व्यवस्था में कर्मचारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बड़े अंतर को लेकर है। यूनियनों के अनुसार नई व्यवस्था में स्केल 4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर काफी अधिक प्रोत्साहन मिलने की संभावना थी, जबकि कामगार कर्मचारियों और स्केल 3 तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम प्रोत्साहन 15 दिन के मूल वेतन और महंगाई भत्ते तक सीमित रखा गया था। यूनियनों ने इस अंतर को भेदभावपूर्ण बताते हुए योजना को एकतरफा तरीके से लागू नहीं करने की मांग की थी। इसी विवाद के बीच सरकार ने फिलहाल इसके क्रियान्वयन को रोककर आगे की बातचीत का रास्ता चुना है।
11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान
PLI विवाद के साथ बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की है। यूनियनों का कहना है कि भारतीय बैंक संघ और कर्मचारी संगठनों के बीच 8 मार्च 2024 को हुए द्विपक्षीय समझौते में सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव शामिल था। इसके लिए प्रतिदिन कामकाज के समय में 40 मिनट की वृद्धि का प्रावधान भी बताया गया था, लेकिन इस पर अंतिम सरकारी मंजूरी अब तक लंबित है। इसी मुद्दे समेत अन्य मांगों को लेकर संयुक्त बैंक यूनियन मंच ने 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
सितंबर में 11 के बाद 28, 29 और 30 को भी हड़ताल
बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर का महीना खासा महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि यूनियनों ने केवल 11 सितंबर की हड़ताल का ऐलान नहीं किया है। संयुक्त बैंक यूनियन मंच के कार्यक्रम के अनुसार 28, 29 और 30 सितंबर को भी लगातार 3 दिनों की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इस तरह सितंबर में कुल 4 दिन बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। भारतीय स्टेट बैंक ने भी अपने आधिकारिक खुलासे में इन तारीखों की पुष्टि करते हुए कहा है कि शाखाओं और कार्यालयों के सामान्य संचालन के लिए इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के कारण बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो सकता है।
26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने सरकार को यह भी संकेत दिया है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन सितंबर तक सीमित नहीं रहेगा। संयुक्त बैंक यूनियन मंच ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। इसके पीछे 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, PLI व्यवस्था वापस लेने या उसमें यूनियनों के साथ बातचीत के जरिए बदलाव करने तथा पेंशन और अन्य लंबित मुद्दों के समाधान जैसी मांगें शामिल हैं। यानी सितंबर की हड़तालों के बाद भी बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता है तो बैंकिंग क्षेत्र में अक्टूबर से बड़ा औद्योगिक विवाद खड़ा हो सकता है।
PLI पर रोक से क्या बदला, क्या मांग अभी भी बाकी
सरकार द्वारा PLI योजना को फिलहाल स्थगित किए जाने से यूनियनों की एक प्रमुख आपत्ति पर बातचीत का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन इससे 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग का समाधान नहीं हुआ है। सरकार ने PLI के संबंध में कहा है कि कर्मचारियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इसके क्रियान्वयन को फिलहाल रोककर आगे चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर यूनियनों का आंदोलन व्यापक मांगों को लेकर है और उन्होंने अपने घोषित हड़ताल कार्यक्रम को वापस लेने की घोषणा नहीं की है। इसलिए केवल PLI योजना के स्थगन के आधार पर 11 सितंबर की हड़ताल टलने की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी।
बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा क्या असर
हड़ताल के दिनों में बैंक शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि आज के समय में इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम और डिजिटल भुगतान जैसी कई सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं। भारतीय स्टेट बैंक ने भी कहा है कि उसने शाखाओं और कार्यालयों के सामान्य संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन हड़ताल में कर्मचारियों की भागीदारी के कारण कामकाज प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए जिन ग्राहकों को शाखा जाकर जरूरी बैंकिंग काम निपटाना है, उन्हें हड़ताल की तारीखों को ध्यान में रखकर पहले से अपना काम पूरा कर लेना बेहतर होगा।