पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले उत्तर 24 परगना जिले का बागदा विधानसभा क्षेत्र प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. भारत-बांग्लादेश सीमा से घिरा यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. खास बात यह है कि यहां करीब 9 किलोमीटर तक ऐसी खुली सीमा है, जहां कंटीले तार की बाड़ मौजूद नहीं है, जिससे निगरानी और भी कठिन हो जाती है.
सीमा पर कड़ी चौकसी, बढ़ाई गई सुरक्षा
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस, केंद्रीय बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. कई गांव ऐसे हैं जो भौगोलिक रूप से भारत और बांग्लादेश दोनों हिस्सों में फैले हुए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और जटिल हो जाती है. ऐसे में संवेदनशील इलाकों में लगातार रूट मार्च और फ्लैग मार्च किए जा रहे हैं.
25 नाका चेकिंग प्वाइंट, 11 जगहों पर केंद्रीय बल तैनात
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 25 स्थानों पर नाका चेकिंग अभियान तेज कर दिया है. इसके अलावा 11 महत्वपूर्ण जगहों पर केंद्रीय बलों की स्थायी तैनाती की गई है. जिला चुनाव अधिकारियों ने भी क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए.
हुगली में धारा 163 लागू, सख्त पाबंदियां
हुगली जिले में भी चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.
हथियार, रैली और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध
प्रशासन ने साफ किया है कि चुनाव के दौरान हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. बिना अनुमति के किसी भी तरह की सभा, रैली, धरना या प्रचार कार्यक्रम की इजाजत नहीं होगी. साथ ही भड़काऊ भाषण, पोस्टर-बैनर और दीवार लेखन पर भी रोक लगाई गई है. लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए प्रशासनिक अनुमति अनिवार्य होगी.
मतदान केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी
मतदान के दिन हर मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में सख्त प्रतिबंध लागू रहेगा. इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार, मतदाताओं को प्रभावित करने या किसी भी प्रकार की बाधा डालने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही मतदान से 48 घंटे पहले ही लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लागू कर दी जाएगी.
26 अप्रैल से लागू होगी निषेधाज्ञा
यह आदेश 26 अप्रैल की शाम 6 बजे से प्रभावी होगा और 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने तक जारी रहेगा. हालांकि, चिकित्सा आपात स्थिति और जरूरी सेवाओं से जुड़े परिवहन को सशर्त छूट दी गई हैI कुल मिलाकर, प्रशासन हर हाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।