आज देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उनके 65वें जन्मदिन पर बधाई दी। एक ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की बधाई। पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान, गरिमा और हमारे लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता की एक किरण, वह राष्ट्र की प्रगति को आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों के लिए प्रशंसित हैं। उनका समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं। वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं और प्रतिभा पाटिल के बाद शीर्ष पद पर नियुक्त होने वाली दूसरी महिला हैं। उनका जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के रायरंगपुर के बैदापोसी क्षेत्र के उपरबेड़ा गांव में हुआ था।
राष्ट्रपति भवन पुस्तकालय को डिजिटाइज किया जा रहा
वहीं अपने इस खास दिन के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जनता को राष्ट्रपति भवन से और भी करीब से रूबरू कराना चाहती है। इसके लिए राष्ट्रपति भवन पुस्तकालय को डिजिटाइज किया जा रहा है और इसे शोधकर्ताओं के लिए खोला जाएगा। साथ ही राष्ट्रपति संपदा की खेल सुविधाओं को बच्चों और पेशेवरों के लिए खोलने की संभावना है। ऐसा करने वाली मुर्मु पहली राष्ट्रपति नहीं हैं, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी दोनों ने भी ऐसा ही किया था।
पुस्तकालय में 33,000 पुस्तकें
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में राज्य दिवस मनाने की योजना का उद्देश्य 'राज्यों को राष्ट्रपति संपदा के करीब लाना है।' अब तक, राज्य दिवस केवल संबंधित राज्य भवनों में मनाया गया है। राष्ट्रपति भवन के पुस्तकालय में 2,000 दुर्लभ किताबों सहित 33,000 पुस्तकें हैं। इसे जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें सबसे पुरानी किताब 'ए कैटलॉग ऑफ द ओरिजिनल वर्क्स ऑफ विलियम हॉगर्थ, 1795 में प्रकाशित हुई थी।' राष्ट्रपति कार्यालय के पास स्थित मुख्य पुस्तकालय की सामग्री को केवल ऑनलाइन ही एक्सेस किया जा सकता है।
प्रणब मुखर्जी लाइब्रेरी
भारत के 13वें पूर्व राष्ट्रपति 'प्रणब मुखर्जी लाइब्रेरी' के नाम पर यह लाइब्रेरी जनता के लिए खुली रहेंगी। यहां कोई भी आ सकता है और ऑनलाइन और ऑफलाइन एक्सेस की सुविधा भी उपल्बध होगी। इस लाइब्रेरी को शोधकर्ताओं, छात्रों और अन्य लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुर्मु के आज महिला स्वयं सहायता समूहों से मिलने, सुबह अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के दिव्यांग बच्चों से बातचीत करने और हौज खास में जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने की उम्मीद है।
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