पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच सीट समझौते को लेकर अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसी बीच कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश का एक बयान सामने आया है। जयराम रमेश ने कहा था कि, टीएमसी के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।
हमरा मकसद बीजेपी को हराना
वहीं टीएमसी ने भी बताया कि, वे इंडिया गठबंधन को मजबूत बनाना चाहती है और उनका सबसे बड़ा मकसद भारतीय जनता पार्टी को हराना है। वहीं शुक्रवार को टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा था कि, उनकी पार्टी के पश्चिम बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों, असम की कुछ सीट और मेघालय की एक सीट पर चुनाव लड़ने के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
तृणमूल कांग्रेस दुविधा में है
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि, वे (टीएमसी) अभी भी दुविधा में हैं। ममता बनर्जी की तरफ से आधिकारिक रूप से इस पर हां या ना होनी चाहिए। वे आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि वे दुविधा में हैं। उनकी पहली दुविधा यह है कि, अगर वे इंडिया गठबंधन के अलग अकेले चुनाव लड़ते हैं तो पश्चिम बंगाल की अल्पसंख्यक उनके खिलाफ मतदान कर सकते हैं।
कांग्रेस और टीएमसी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है
आपको बता दें कि, कांग्रेस और टीएमसी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही है, जिसके चलते दोनों दलों में गठबंधन की बातचीत रुक गई थी। हालांकि अब कहा जा रहा है कि दोनों दलों में फिर से बातचीत शुरू हो गई है।
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