नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को दोपहर बाद बड़ी राहत मिली, जब राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण सुहावना हो गया। कई इलाकों में काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही शाम जैसा नजारा देखने को मिला।
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में चला तेज अंधड़
दिल्ली के अलावा नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद के कई हिस्सों में तेज हवाओं और धूल भरी आंधी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई स्थानों पर दृश्यता कम हो गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। गुरुग्राम और नोएडा में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिसके कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया और कुछ जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटने की घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि आंधी के बाद हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई।
बारिश से तापमान में गिरावट, लोगों ने ली राहत की सांस
दोपहर बाद शुरू हुई बारिश के कारण राजधानी का तापमान तेजी से नीचे आया। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोग मौसम में आए बदलाव का आनंद लेते नजर आए। पार्कों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में लोगों ने राहत महसूस की। मौसम ठंडा होने से बिजली की खपत में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
IMD ने जारी किया तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए तेज गरज-चमक, धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है मौसम का असर
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली का न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि बारिश और तेज हवाओं के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की प्रगति और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है।