Calcutta High Court: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अवैध रूप से एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने के मामले में मंगलवार (25 अप्रैल) को राज्य सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उच्च न्यायालय के अनुसार, यदि सरकारी संस्थाएं किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपने अधिकार का उपयोग करती हैं, तो अदालत को उन्हें दंडित करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
विशाल नामक व्यक्ति की हुई थी अवैध गिरफ्तारी
विशाल नाम के एक व्यक्ति को 2022 के निकाय चुनावों के दौरान महज इस बात पर गिरफ्तार कर लिया गया था क्योंकि वह अपने चचेरे भाई, जोकि कांग्रेस का उम्मीदवार था का समर्थन कर रहा था। कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई करते हुए एफआईआर में कई गड़बड़ियों का जिक्र किया।
अदालत को FIR में मिली कई गडबड़ियां
मामले को सुन रही जस्टिस शम्पा सरकार ने पुलिस की एफआईआर में कई गडबड़ियां पाईं और इस आधार पर राज्य सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। हाईकोर्ट ने कहा, यदि राज्य कानून तोड़ने वाला बन जाता है, तो अदालत को यह सुनिश्चित करने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करना चाहिए कि वह राज्य सरकार को इस नुकसान को भरने के लिए बाध्य करे।
अदालत ने कहा, राज्य को खुद को यह याद दिलाने की जरूरत है कि व्यक्तियों के अधिकार ही लोकतंत्र की शक्ति हैं और इसका किसी भी तरह से उल्लंघन सभ्य समाज पर हमला माना जाएगा। अदालत ने कहा, पुलिस पर लगाया गया यह जुर्माना पूरे परिवार को पुलिस की तरफ से लगाए गए समाजिक शर्मिंदगी, परिवार को लगे कलंक और अपमान के घावों पर मरहम की तरह है।
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