नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा मौसम बुलेटिन में कहा गया है कि इस समय उत्तर-पश्चिमी भारत में राजस्थान और पाकिस्तान के ऊपर आसमान में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक वेस्टलीज में एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में देखा जा रहा है। इसकी वजह से उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पहाड़ी राज्यों के मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक इस मौसमी दशा की वजह से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई जगहों पर बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। 10 अक्टूबर 2026 तक जम्मू-कश्मीर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
मैदानी इलाकों में भी बूंदाबांदी
पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। IMD ने कहा है कि इस दौरान कई जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत का मौसम पूरी तरह बदलने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानों में रिमझिम बारिश से तापमान में गिरावट आएगी। यात्रियों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कुल आठ प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग ने कहा है कि इस समय देश भर में कुल आठ प्रमुख मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। जहां पछुआ हवाओं की वजह से उत्तरी-पश्चिमी इलाके में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है जो समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर स्थित है वहीं दक्षिणी हरियाणा के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक अलग चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी निचली ट्रोपोस्फेरिक परत में एक अलग चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर दक्षिणी केरल तट के पास और उत्तरी तमिलनाडु के ऊपर भी मध्य ट्रोपोस्फेरिक परत में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
IMD ने कहा है कि दक्षिण भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु के वाल्पराई में 12 सेमी और केरल के नेरियामंगलम में 8 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है। IMD ने 6 से 10 अक्टूबर के दौरान तमिलनाडु पुडुचेरी कराईकल केरल और माहे के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा वर्तमान में सुपौल रांची रायपुर ब्रह्मपुरी परभणी बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए राहत की खबर
मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से होने वाली बूंदाबांदी और हल्की बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर वालों को गर्मी से राहत मिल सकती है। IMD ने कहा है कि 6 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। हालांकि बादलों की मौजूदगी और हवा की दिशा बदलने से 9 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान घटकर 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच आ जाएगा जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। उत्तर भारत में मौसम का यह बदलाव त्योहारी सीजन से पहले राहत लेकर आएगा।