न्यूज़ डेस्क: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पूर्व अंतरिम निदेशक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे एम. नागेश्वर राव ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब सक्रिय राजनीति की दुनिया में कदम रख दिया है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के धार्मिक शहर वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 'सर्वजन सनातन पार्टी' (Sarvajana Sanatan Party) की कमान संभालते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। राजनीति में अपनी इस नई पारी की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने लंबे प्रशासनिक अनुभवों को देश और समाज की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित करना चाहते हैं।
प्रशासनिक करियर और विवादों से रहा नाता
ओडिशा कैडर के 1986 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी एम. नागेश्वर राव साल 2018 में उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब सीबीआई के तत्कालीन शीर्ष अधिकारियों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच चले आ रहे अभूतपूर्व अंतर्द्वंद्व और विवाद के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें सीबीआई के अंतरिम निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, अपने कार्यकाल के दौरान वह कई बार प्रशासनिक फैसलों और विवादों के कारण चर्चा का केंद्र रहे। अब प्रशासनिक दुनिया से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति के जरिए देश सेवा का नया मार्ग चुना है।
'सर्वजन सनातन पार्टी' के विजन पर क्या बोले नागेश्वर राव?
वाराणसी में पार्टी की कमान संभालने के बाद नागेश्वर राव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का उद्देश्य आधुनिक भारत के निर्माण के साथ-साथ देश की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति की जड़ों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि 'सनातन' शब्द केवल कोई चुनावी नारा या प्रतीक नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा एक व्यापक दृष्टिकोण है। उनके अनुसार, पार्टी का मुख्य लक्ष्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना है और यह किसी भी वर्ग या समुदाय के विरोधी नहीं है, बल्कि सबका साथ और विकास इसका मूल मंत्र है।
आधुनिक विकास और सभ्यतागत जुड़ाव पर जोर
पार्टी के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए पूर्व सीबीआई प्रमुख ने कहा कि देश का विकास केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके लिए सांस्कृतिक पुनरुत्थान भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास के साथ-साथ भारत की भाषाई समृद्धि, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में उनकी पार्टी काम करेगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय
एक शीर्ष जांच एजेंसी के पूर्व प्रमुख के रूप में अपनी पहचान रखने वाले नागेश्वर राव के अचानक राजनीतिक दल की कमान संभालने से राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा शुरू हो गई है। वाराणसी जैसे प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र से उनकी इस राजनीतिक पारी की शुरुआत आने वाले दिनों में क्या नया रंग लाती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।