Go First Crisis :देश में एक और एयरलाइंस कंपनी दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गई है. वाडिया ग्रुप की एयरलाइन गो फर्स्ट ने मंगलवार को NCLT में Voluntary Insolvancy Proceedings के लिए आवेदन दे दिया है. वहीं इस बीच Go First की सभी उड़ानें 3 से 5 मई के बीच रद्द रहेंगी. इसकी जानकारी खुद एयरलाइंस ट्वीट कर दी है. ऐसे में जिन हवाई यात्रियों ने इन तीन दिनों के लिए कंपनी का टिकट बुक कराया है, उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. वाडिया ग्रुप की एयरलाइंस इस समय गो फर्स्ट बड़े आर्थिक संकट से जूझ रही है.
गो-फर्स्ट एयरलाइंस ने DGCA को इस फैसले की जानकारी दी है.ट्रिब्यूनल को कंपनी के आवेदन में कहा गया है कि उसके दिवालियापन आवेदन पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाना चाहिए, क्योंकि एयरलाइन के विमान पट्टादाताओं ने करीब 20 विमानों के पंजीकरण को रद्द करने के लिए डीजीसीए से संपर्क किया है। इसी वजह से एनसीएलटी जल्द सुनवाई के लिए राजी हो गया है।
गो फर्स्ट एयरलाइन (Go First Crisis)
2 मई को, GoFirst Airlines ने अपनी सभी उड़ानें 5 मई तक रद्द कर दीं, यह कहते हुए कि कंपनी के पास संचालन के लिए पैसे नहीं थे, और फिर से 12 मई तक बढ़ा दी गई।
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कंपनी का कर्ज (Go First Crisis)
गोफर्स्ट एयरलाइन पर करीब 11,463 करोड़ रुपये की देनदारी है। इसमें वेंडरों का 3,856 करोड़ रुपये का डिफॉल्ट भी शामिल है। वहीं, विमान को लीज पर देने वाली कंपनियों पर कंपनी का 2,600 करोड़ रुपये बकाया है।
विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियां गोफर्स्ट द्वारा दिवालियापन फाइलिंग का विरोध कर रही हैं, इसे जोखिम भरा बता रही हैं।
गोफर्स्ट एयरलाइन
GoFirst एयरलाइन लगभग 17 वर्षों से एयरलाइन का संचालन कर रही है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक उसके पास 59 विमानों का बेड़ा है। रोजाना करीब 200 उड़ानें संचालित करता था।
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