नई दिल्ली. देश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी ने अब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के इस चरण में ही कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को दिन के समय घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए कई राज्यों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
हीटवेव का अलर्ट, उत्तर और मध्य भारत में बढ़ेगी तपिश
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई गई है। बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा और झांसी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि आगरा, वाराणसी, प्रयागराज और अन्य शहरों में भी सामान्य से अधिक गर्मी दर्ज की जा रही है। इन क्षेत्रों में लू चलने की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है।
राजस्थान में लू का असर, सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
राजस्थान में गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सीमावर्ती इलाकों में तेज हवाओं के साथ लू का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। मौसम विभाग द्वारा अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
दिल्ली क्षेत्र में बढ़ता तापमान, बारिश की संभावना नही
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। दिन में तेज धूप के साथ गर्मी का अहसास बढ़ गया है, हालांकि बीच-बीच में बादल छाने से हल्की राहत मिल रही है। आज यहां अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
पश्चिमी भारत में आंधी-बारिश की संभावना
महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र क्षेत्र के कई जिलों में भी बारिश के आसार जताए गए हैं, जिससे अस्थायी राहत मिल सकती है।
पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों में बदलेगा मौसम
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं के संकेत हैं। हाल के दिनों में इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।
परिवहन और जनजीवन पर असर
पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और खराब मौसम के कारण कई महत्वपूर्ण मार्गों को बंद करना पड़ा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। जम्मू-कश्मीर में कई प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन द्वारा लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सावधानी और सतर्कता की जरूरत
वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे धूप से बचाव के उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पिएं और आवश्यकतानुसार ही बाहर निकलें। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए ही अपनी दिनचर्या तय करना इस समय सबसे उचित कदम होगा।