नई दिल्ली - देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच अब आम लोगों की रसोई पर भी असर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सब्जियों के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। खासतौर पर मुंबई और नवी मुंबई में सब्जियों की कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहले से बढ़े ईंधन के खर्च से परेशान लोगों को अब रोजमर्रा की सब्जियां खरीदना भी महंगा पड़ रहा है।
सब्जियों के दाम करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गए
मंगलवार को मुंबई की मंडियों में सामान्य दिनों की तुलना में कम सब्जियां पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक बाजार में करीब 480 गाड़ियां सब्जियां लेकर पहुंचीं, जो आम दिनों के मुकाबले कम थीं। सप्लाई घटने का सीधा असर कीमतों पर पड़ा और थोक बाजार में सब्जियों के दाम करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गए। खुदरा बाजार में यह बढ़ोतरी और ज्यादा देखने को मिल रही है।
सब्जियों 100 रुपये प्रति किलो बिक रही
स्थिति यह है कि मटर, फ्रेंच बीन्स और सेम जैसी सब्जियां कई इलाकों में 100 रुपये प्रति किलो से ज्यादा कीमत पर बिक रही हैं। टमाटर, हरी मिर्च और अन्य हरी सब्जियों के दामों में भी तेजी देखी जा रही है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बढ़ती गर्मी और खराब मौसम के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है।
महंगी सब्जी की कई बजह
व्यापारियों के मुताबिक तेज गर्मी के चलते कई राज्यों में सब्जियों की पैदावार कम हुई है। इसके अलावा परिवहन लागत बढ़ने से भी कीमतों पर असर पड़ा है। पेट्रोल-डीजल के महंगे होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है, जिसका बोझ सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। महंगाई के इस दोहरे असर ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घर का बजट बिगड़ने लगा है और लोग अब जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करने को मजबूर हैं। आने वाले दिनों में अगर मौसम और सप्लाई की स्थिति नहीं सुधरी, तो सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं।