नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए जीवन मूल्यों पर अहम संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विनम्रता, क्षमाशीलता, धैर्य और उत्तम आचरण ही किसी व्यक्ति के वास्तविक आभूषण होते हैं। उन्होंने इन मूल्यों को विकसित भारत के संकल्प से भी जोड़ा।
संस्कृत श्लोक के जरिए दिया जीवन का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पोस्ट में संस्कृत श्लोक “तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता। भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत।।’’ साझा किया। इसके साथ उन्होंने बताया कि तेजस्विता, क्षमाशीलता, धैर्य, पवित्र आचरण, अहंकार से दूर रहना और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे गुण ही श्रेष्ठ व्यक्तित्व की पहचान होते हैं।
विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के नागरिक इन्हीं सकारात्मक मूल्यों के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।
लगातार साझा कर रहे हैं संस्कृत श्लोक
पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सोशल मीडिया पर संस्कृत सुभाषित और प्रेरणादायक श्लोक साझा कर रहे हैं। इन संदेशों के जरिए वे भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन मूल्यों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
वीर सावरकर जयंती पर भी साझा किया था संदेश
एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने वीर सावरकर की जयंती पर भी संस्कृत श्लोक साझा किया था। उस संदेश में उन्होंने ज्ञान, साहस और राष्ट्रभक्ति के संतुलन को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया था।
धैर्य और निरंतर प्रयास पर भी दिया था जोर
प्रधानमंत्री ने इससे पहले साझा किए गए एक अन्य श्लोक में निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प को सफलता की कुंजी बताया था। उन्होंने कहा था कि जो व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहता है, वह निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।