उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में आज सुबह 3 बजे बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा अचानक ढह जाने से वहां सो रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
देर रात सो रहे थे मजदूर, तभी ढह गया स्लैब
यह पुल मोरा कादर गांव (थाना ललपुरा) से कंडोर गांव (थाना कुरारा) के बीच बेतवा नदी पर बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि देर रात निर्माण कार्य में लगे मजदूर साइट पर ही सो रहे थे। इसी दौरान अचानक पुल का स्लैब भरभराकर गिर गया और मजदूर उसके नीचे दब गए।
भारी बारिश और तेज आंधी को माना जा रहा कारण
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज बारिश और आंधी-तूफान को माना जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान हुई
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान SDRF टीम ने पिलर पर फंसे तीन मजदूरों—अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद—को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्रशासन का कहना है कि मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है।
प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह पुल परियोजना राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद की पहल पर स्वीकृत की गई थी। फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।