नई दिल्ली - भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक और भावनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, साहस और योगदान का सम्मान है। उनके मुताबिक, यह महिलाओं को प्रतिनिधित्व और अपनी आवाज उठाने का अवसर देगा।
राहुल गांधी के भाषण पर निशाना
हेमा मालिनी ने राहुल गांधी के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि उसमें गंभीरता की कमी थी। उन्होंने इसे मनोरंजक तो बताया, लेकिन ठोस मुद्दों से खाली करार दिया। प्रधानमंत्री को ‘जादूगर’ कहने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
कंगना रनौत का तीखा बयान
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका भाषण सुनना ‘सिरदर्द’ जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने संसद की गरिमा को हल्का करने का काम किया है।
हरसिमरत कौर बादल ने उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बिल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लागू करना चाहती है, जिससे राजनीतिक शक्ति संतुलन बदल सकता है।
सुमित्रा महाजन ने दी संतुलित राय
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि महिला आरक्षण का लागू होना जरूरी है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परिसीमन को भी आवश्यक प्रक्रिया बताते हुए सभी दलों से एकजुट होकर इसे समर्थन देने की अपील की।
संसद में जारी बहस
महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर संसद में बहस तेज है। अलग-अलग दलों के नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर सहमति बनाना आसान नहीं होगा, लेकिन इसे देश की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।