मालदीव के नेशनल कैडेट कॉर्प्स (MNCC) के कैडेट्स ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के उद्देश्य से भारत का दौरा किया है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली और आगरा के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया। यह दौरा न केवल औपचारिक सहभागिता का हिस्सा है, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत को करीब से समझने का अवसर भी प्रदान करता है।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान का सशक्त मंच
मालदीव्स नेशनल कैडेट कॉर्प्स ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय मित्रता को प्रोत्साहित करना है। भारतीय और अन्य विदेशी कैडेट्स के साथ संवाद के जरिए मालदीव के कैडेट्स विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और मूल्यों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
औपचारिक बैठकों से बढ़ी द्विपक्षीय समझ
भारत प्रवास के दौरान मालदीव के कैडेट्स ने भारतीय अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठकें भी कीं। इन बैठकों के माध्यम से दोनों देशों के युवा नेतृत्व के बीच आपसी समझ, अनुशासन और सहयोग की भावना को मजबूती मिली। यह पहल भविष्य में रक्षा, शिक्षा और युवा कार्यक्रमों में सहयोग के नए द्वार खोलने वाली मानी जा रही है।
77वां गणतंत्र दिवस: भव्यता और वैश्विक सहभागिता
26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाला 77वां गणतंत्र दिवस समारोह अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुईस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगी, जो भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।
10 हजार विशेष अतिथि और 30 भव्य झांकियां
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस ऐतिहासिक परेड को देखने के लिए लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। कर्तव्य पथ पर लगभग 30 झांकियां निकलेंगी, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। यह दृश्य भारत की एकता में विविधता की भावना को सशक्त रूप से दर्शाएगा।
‘वंदे मातरम्’ और आत्मनिर्भर भारत की थीम
इस वर्ष झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। यह आयोजन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक होगा, जो स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई पीढ़ी से जोड़ता है।
युवा सहभागिता से मजबूत होती कूटनीति
मालदीव के कैडेट्स की उपस्थिति यह दर्शाती है कि भारत अपनी कूटनीति में युवाओं और सांस्कृतिक संपर्क को विशेष महत्व देता है। यह सहभागिता केवल एक समारोह तक सीमित नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में मित्रता, विश्वास और सहयोग की दीर्घकालिक नींव रखने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
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