नई दिल्ली. देशभर में पिछले कुछ दिनों से महसूस की जा रही उमस और तेज गर्मी के बीच अब मानसून ने एक बार फिर मजबूत वापसी के संकेत दिए हैं। भारतीय मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह से लेकर अगस्त के पहले सप्ताह तक देश के बड़े हिस्से में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में विकसित निम्न दबाव क्षेत्र, सक्रिय मानसूनी ट्रफ और अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर हवाओं के संयुक्त प्रभाव के कारण उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के अनेक राज्यों में लगातार वर्षा का दौर देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रणाली कृषि, जलाशयों और भूजल स्तर के लिए लाभकारी हो सकती है, हालांकि कई क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी का सक्रिय तंत्र बना व्यापक वर्षा का आधार
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र लगातार ऊर्जा प्राप्त कर रहा है। समुद्र से आने वाली अत्यधिक आर्द्र हवाएं इस प्रणाली को मजबूती प्रदान कर रही हैं, जबकि सक्रिय मानसूनी ट्रफ उत्तर भारत की ओर खिसकने से वर्षा की गतिविधियां और तेज हो गई हैं। दूसरी ओर अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाएं भी इस मौसमीय तंत्र को अतिरिक्त नमी उपलब्ध करा रही हैं। दोनों समुद्री प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से घने वर्षा वाले बादल उत्तर भारत और पूर्वी भारत के विस्तृत क्षेत्रों में सक्रिय बने हुए हैं, जिससे अगले कई दिनों तक लगातार वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज बारिश का दौर होगा प्रभावी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ सहित पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में अगले चार से पांच दिनों तक लगातार वर्षा होने की संभावना है। बिहार में सप्ताह के शुरुआती दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा के बाद 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच मानसूनी प्रणाली पूरी तरह सक्रिय होने का अनुमान है। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश जिलों में व्यापक और तीव्र वर्षा दर्ज की जा सकती है। प्रशासन को संभावित जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत को मिलेगी उमस से राहत
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में लंबे समय से बनी उमस भरी गर्मी से लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों के दौरान मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है। मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ वर्षा होने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
पश्चिमी और पूर्वी भारत के अनेक राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून
उत्तर भारत के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मानसून पूरी सक्रियता के साथ बना रहेगा। तटीय और मध्य भारत के क्षेत्रों में लगातार नमी मिलने के कारण रुक-रुककर तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा लाभदायक साबित हो सकती है, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक होगा। नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की दी सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वर्षा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमानों पर नजर रखना और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाले मार्गों से बचने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों में अनावश्यक रूप से ठहरने से भी बचना चाहिए। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की दृष्टि से अत्यंत सक्रिय रहने वाला है और कई क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से अधिक दर्ज की जा सकती है।