पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों की पहचान होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ये दोनों मामले भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी (VRDL), एम्स कल्याणी में किए गए परीक्षणों के दौरान सामने आए। 11 जनवरी को संक्रमण की पुष्टि के बाद से राज्य सरकार ने इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। निपाह वायरस को अत्यधिक घातक और तेजी से फैलने वाला माना जाता है, इसी कारण किसी भी संभावित चूक से बचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संक्रमित नर्सें और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति
संक्रमित दोनों मरीज नर्स हैं, जिनकी उम्र 25 और 27 वर्ष बताई गई है। वे उत्तर 24 परगना जिले के एक निजी अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। ये नर्सें उसी अस्पताल में कार्यरत थीं, जहां वे इलाज करा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी आवश्यक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकार और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की गई हैं। सोमवार सुबह एक विशेष सरकारी टीम ने संबंधित अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित संक्रमण श्रृंखला को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकना है।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और जांच अभियान
संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए व्यापक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग अभियान चलाया जा रहा है। दोनों नर्सें हाल ही में पूर्व बर्धमान और अन्य जिलों की यात्रा पर गई थीं, जिसके चलते उत्तर 24 परगना, पूर्व बर्धमान और नदिया जिलों में जांच का दायरा बढ़ाया गया है। उनके संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है, ताकि वायरस के संभावित प्रसार को समय रहते रोका जा सके।
निपाह वायरस: खतरा और चुनौतिया
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है, जो जानवरों से इंसानों में फैलती है और इसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस वायरस के मामलों में तेजी से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यही कारण है कि राज्य स्वास्थ्य विभाग इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी रोकथाम, निगरानी और आपातकालीन उपाय लागू कर चुका है।
हेल्पलाइन और जन जागरूकता पर जोर
संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तीन हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए हैं। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता और समय पर कार्रवाई ही इस चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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