नई दिल्ली. देश के करोड़ों किसान अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से योजना की 23वीं किस्त जारी की थी। इस दौरान 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से भेजी गई थी। अब अगली किस्त के लिए किसानों के बीच सितंबर, अक्टूबर और नवंबर को लेकर चर्चा तेज है।
हालांकि, यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 24वीं किस्त की कोई निश्चित तारीख अभी केंद्र सरकार या कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने घोषित नहीं की है। पीएम किसान की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक योजना में सालाना 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं। इसलिए 23वीं किस्त के बाद अगली किस्त अगस्त से नवंबर वाले चक्र में आना अपेक्षित है, लेकिन वास्तविक भुगतान की तारीख सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम पर निर्भर करेगी।
सितंबर, अक्टूबर या नवंबर—कब मिल सकते हैं 2,000 रुपये?
पीएम किसान योजना में प्रत्येक पात्र किसान परिवार को साल में 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में 2,000-2,000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी भी इस चार-मासिक भुगतान व्यवस्था की पुष्टि करती है।
23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी होने के बाद अगली यानी 24वीं किस्त का भुगतान सामान्य चक्र के अनुसार अगस्त से नवंबर 2026 के बीच होना चाहिए। इसलिए सितंबर, अक्टूबर या नवंबर में भुगतान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अभी इनमें से किसी एक महीने की आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है। किसानों को सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर चल रही तारीखों के बजाय पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल पर जारी सूचना को ही अंतिम मानना चाहिए।
हर किसान को नहीं मिलती पीएम किसान की किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ देश के प्रत्येक किसान को स्वतः नहीं मिलता। योजना में पात्रता के लिए किसान परिवार का खेती योग्य भूमि का स्वामित्व और सरकार द्वारा निर्धारित अन्य शर्तें पूरी करना जरूरी है। इसके अलावा कुछ श्रेणियों को योजना के नियमों के तहत लाभ से बाहर रखा गया है। आधिकारिक पोर्टल पर सरकार ने यह भी बताया है कि कुछ संदिग्ध मामलों में भुगतान भौतिक सत्यापन पूरा होने तक रोका जा सकता है।
इसलिए केवल यह उम्मीद करना पर्याप्त नहीं है कि पिछली किस्त मिली थी तो अगली किस्त भी निश्चित रूप से आ जाएगी। किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हो और योजना से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रियाएं पूरी हों। विशेष रूप से ई-केवाईसी, आधार से जुड़ी जानकारी और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भुगतान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ई-केवाईसी नहीं हुई तो अटक सकती है किस्त
पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पंजीकृत किसानों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। पोर्टल पर आधार आधारित प्रमाणीकरण और अन्य माध्यमों से ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें अगली किस्त की प्रतीक्षा करने के बजाय पहले अपना सत्यापन पूरा कर लेना चाहिए।
इसके साथ ही बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और आधार सीडिंग भी महत्वपूर्ण है। पीएम किसान की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। ऐसे में बैंक खाते की जानकारी में गलती, आधार संबंधी समस्या या रिकॉर्ड में असंगति होने पर भुगतान प्रभावित हो सकता है।
जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर भी रुक सकता है पैसा
सरकार ने हाल में ऐसे मामलों की भी पहचान की है जिनमें लाभार्थियों की पात्रता को लेकर संदेह पाया गया है। आधिकारिक पीएम किसान पोर्टल के अनुसार, उदाहरण के तौर पर 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि स्वामित्व हासिल करने वाले कुछ मामलों तथा एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों द्वारा योजना का लाभ लेने जैसे मामलों की जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में भौतिक सत्यापन पूरा होने तक भुगतान रोका जा सकता है।
इसका मतलब है कि 24वीं किस्त से पहले किसानों के लिए अपने भूमि रिकॉर्ड और योजना में दर्ज विवरण की जांच करना उपयोगी होगा। यदि रिकॉर्ड में नाम, भूमि या परिवार से संबंधित जानकारी में अंतर है तो समय रहते संबंधित विभाग के माध्यम से उसे ठीक कराने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि किस्त जारी होने के समय भुगतान संबंधी समस्या न आए।
आधिकारिक पोर्टल पर ऐसे देखें अपना स्टेटस
किसान पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण और भुगतान संबंधी स्थिति देख सकते हैं। पोर्टल के ‘नो योर स्टेटस’ विकल्प में पंजीकरण संख्या के माध्यम से भुगतान की स्थिति, बैंक का विवरण, लेनदेन संबंधी जानकारी और खाते में राशि जमा होने की स्थिति देखी जा सकती है।
इसके अलावा आधिकारिक लाभार्थी सूची भी उपलब्ध है। पीएम किसान पोर्टल पर राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव के स्तर पर लाभार्थी सूची देखने की सुविधा दी गई है। इसलिए 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर अपनी स्थिति जांचते रहें।
योजना को 2031 तक जारी रखने का फैसला
पीएम किसान योजना को लेकर केंद्र सरकार ने हाल ही में आगे की अवधि के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए करीब 3.16 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है। योजना के तहत पात्र किसानों को पहले की तरह सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में देने का प्रावधान जारी रहेगा।
इससे यह स्पष्ट है कि पीएम किसान आने वाले वर्षों में भी किसानों के लिए प्रत्यक्ष आय सहायता की प्रमुख केंद्रीय योजना बनी रहेगी। फिलहाल 24वीं किस्त को लेकर किसानों के लिए सबसे अहम बात यही है कि राशि अगस्त-नवंबर वाले भुगतान चक्र में अपेक्षित है, लेकिन सितंबर, अक्टूबर या नवंबर में से किसी एक तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इसलिए निश्चित तारीख के नाम पर चल रही अपुष्ट खबरों से बचना और ई-केवाईसी सहित सभी जरूरी सत्यापन पूरे रखना सबसे जरूरी है।