चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा है कि वे बिचौलियों के जरिए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर बलात्कार के गंभीर मामलों को रफा-दफा करने का सिंडिकेट चला रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ ऑडियो क्लिप जारी किए, जिनमें कथित तौर पर एक बिचौलिया अपने राजनीतिक रसूख का हवाला देकर आपराधिक मामलों को खत्म करने की बात कर रहा है। हालांकि, जारी ऑडियो क्लिप में सीधे तौर पर सीएम मान या उनकी पत्नी का नाम दर्ज नहीं है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (आप) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया है।
बीजेपी का आरोप: सीएम आवास बना कट मनी और सौदेबाजी का अड्डा
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी राज्य में लूट और भ्रष्टाचार का रैकेट चला रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री अपने पद का दुरुपयोग कर रेप जैसे गंभीर मामलों में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर रहे हैं। भंडारी ने कहा, "यह ऑडियो क्लिप्स गंभीर सवाल खड़े करती हैं कि क्या सीएम आवास सौदेबाजी का केंद्र बन चुका है और कट मनी पंजाब के 'सुपर सीएम' अरविंद केजरीवाल तक पहुंच रही है?" यह पूरा मामला इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह चहल से जुड़ा है, जिसे एक महिला के अपहरण और बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के महज दो महीने बाद छोड़ दिया गया।

शिरोमणि अकाली दल का हमला, राज्यपाल से मिलकर सीबीआई जांच की मांग
इस मुद्दे को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी आक्रामक रुख में आ गया है। अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में कथित भ्रष्टाचार तथा रेप के आरोपी को बचाने के प्रयासों की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग की। सुखबीर बादल ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी गुरविंदर चहल ने दो महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने दावा किया कि आरोपी ने सीएम की पत्नी से संपर्क साधा, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने दोनों मामलों में उसे क्लीन चिट दे दी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की नोटिस से गर्माया मुद्दा
यह विवाद तब और बढ़ गया जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हाल ही में पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रंजीत सिंह की शिकायत पर जारी किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चहल को रेप केस में बचाने के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम पर 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। गौरतलब है कि इस मामले की एफआईआर इसी साल 29 अप्रैल को अमृतसर में दर्ज हुई थी। बाद में पीड़िता के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर मामला दबाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। 20 जुलाई को हाईकोर्ट ने इस जांच को स्पेशल डीजीपी को सौंप दिया था।
आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया: 'फर्जी ऑडियो-वीडियो फैलाया, करेंगे कानूनी कार्रवाई'
विपक्ष के करारे हमलों के बीच आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए सभी ऑडियो क्लिप को फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है। आप प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तस्वीरें जारी करते हुए दावा किया कि मामले में आरोपी बिचौलिया अमरदीप सिंह ग्रेवाल और आरोपी गुरविंदर चहल दोनों के संबंध बीजेपी और अकाली दल के नेताओं से हैं। पन्नू ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर असत्यापित ऑडियो-वीडियो शेयर करने के खिलाफ पार्टी कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं, भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा, "आरोप लगाने वालों को पहले अपने तथ्य सही कर लेने चाहिए, अन्यथा वे कानूनी नोटिस और कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।"