नई दिल्ली - दिल्ली में आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर ‘जनजातीय सांस्कृतिक समागम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए और जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों पर अपने विचार रखे।
संविधान सभी को धर्म पालन का अधिकार देता है
भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि, भारत का संविधान हर व्यक्ति को अपने मूल धर्म में सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन लोभ, लालच या दबाव के आधार पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा विविधता और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत करती रही है।
संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का आह्वान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से देश की संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की। बीजेपी नेता शाह ने आगे अपने संबोधन में कहा कि, भारत की सांस्कृतिक विरासत देश को एकता के सूत्र में बांधकर रखती है और इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
रामायण के प्रसंगों का किया उल्लेख
बीजेपी नेता अमित शाह ने अपने संबोधन में रामायण के प्रसंगों का भी जिक्र किया। उन्होंने भगवान राम, शबरी और निषाद राज की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा हमेशा से समानता, सम्मान और एकता का संदेश देती रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश करने वालों को यह समझना चाहिए कि भारत की मूल भावना एकता और समरसता की रही है।