नई दिल्ली/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। इसी कड़ी में वे आज दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहली आधिकारिक मुलाकात तय मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में व्यस्तता के चलते अब तक यह मुलाकात संभव नहीं हो पाई थी, लेकिन अब समय मिलने के बाद यह अहम बैठक हो रही है।
शपथ के बाद पहली बड़ी मुलाकात
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ जेडीयू से बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन वे उस कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके थे। ऐसे में यह मुलाकात खास मानी जा रही है, जिसमें बिहार के विकास और केंद्र-राज्य समन्वय पर चर्चा हो सकती है।
जनता के बीच एक्टिव नजर आ रहे सीएम
मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने खुद को एक्टिव मोड में ला दिया है। वे लगातार जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और समाधान का भरोसा दे रहे हैं। उनका कहना है कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए प्रशासन में अनुशासन और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।
महिला मुद्दों पर भी दिखा सख्त रुख
हाल ही में पटना में आयोजित महिला सम्मेलन और पदयात्रा के दौरान भी सम्राट चौधरी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने खुलकर समर्थन दिया और मंच से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए अपने इरादे स्पष्ट किए।
राजनीतिक मायनों में अहम मुलाकात
दिल्ली में होने वाली यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के जरिए बिहार के विकास एजेंडे को नई दिशा मिल सकती है, साथ ही राज्य की राजनीति में भी इसके असर देखने को मिल सकते हैं।