कोलकाता: संसद के मानसून सत्र के बीच राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद और लोकसभा में पार्टी के उपनेता सौगत रॉय की संसद परिसर की कैंटीन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मौजूदगी वाली तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच, तृणमूल से अलग होकर बने 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के सांसदों का एनडीए (NDA) की बैठक से दूर रहना भी सियासी बहस का विषय बन गया है।
कैंटीन की तस्वीर पर सौगत रॉय ने दी प्रतिक्रिया
संसद की कैंटीन से सामने आई तस्वीरों में सौगत रॉय और टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा उसी स्थान पर दिखाई दे रहे हैं, जहां अमित शाह और जेपी नड्डा भी मौजूद थे। तस्वीर वायरल होने के बाद राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू हुआ, जिस पर सौगत रॉय ने सफाई देते हुए कहा कि इसे किसी राजनीतिक मुलाकात के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, वह पहले से कैंटीन में बैठे थे और भाजपा के दोनों वरिष्ठ नेता बाद में वहां पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बीच किसी प्रकार की राजनीतिक या व्यक्तिगत बातचीत नहीं हुई।
एनडीए की बैठक से एनसीपीआई सांसदों की गैरमौजूदगी चर्चा में
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर गठित 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) के तीन सांसदों ने एनडीए की अहम बैठक में भाग नहीं लिया। उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। हाल के दिनों में एनसीपीआई और एनडीए के बीच बढ़ती संभावित नजदीकियों की चर्चाओं के बीच इस फैसले को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
कैंटीन की तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद बागी गुट की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देखा। वहीं संसद परिसर में तृणमूल कांग्रेस और बागी गुट के नेताओं के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में हुए इन घटनाक्रमों का प्रभाव आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।