पटना: बिहार की राजनीति में अहम बदलाव के तहत नालंदा से विधायक श्रवण कुमार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायक दल का नया नेता चुना गया है। पार्टी द्वारा उनके नाम का प्रस्ताव पहले ही विधानसभा को भेज दिया गया था, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। विधानसभा सचिवालय ने भी इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से पहले बिहार सरकार ने तीन दिन पूर्व ही श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाते हुए उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी, जिससे उनके बढ़ते राजनीतिक महत्व के संकेत पहले ही मिल चुके थे।
नीतीश के इस्तीफे के बाद खाली था पद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद से विधायक दल के नेता का पद खाली पड़ा था। इसको लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन चल रहा था। जदयू विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से श्रवण कुमार के नाम पर सहमति बनी, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने भी इस फैसले को मंजूरी दे दी।
निशांत कुमार ने दी बधाई
श्रवण कुमार के नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जदयू कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रवण कुमार को बधाई दी और कहा कि यह पार्टी के लिए अच्छा निर्णय है। साथ ही संगठन की आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई।
8 बार विधायक बन चुके हैं श्रवण कुमार
श्रवण कुमार का राजनीतिक सफर काफी मजबूत और अनुभव से भरा रहा है। उन्होंने पहली बार 1995 में विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद वे लगातार जनता का विश्वास जीतते रहे और अब तक कुल आठ बार विधायक चुने जा चुके हैं। यह उनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ और लोकप्रियता को दर्शाता है।
सरकार और संगठन दोनों में निभाई अहम भूमिका
सरकार में भी श्रवण कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वे ग्रामीण विकास मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुके हैं। इसके अलावा विधानसभा में मुख्य सचेतक के तौर पर भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई है। पार्टी के भीतर उन्हें वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है, जो बड़े फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।