तेलंगाना की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने वन मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। यह फैसला कांग्रेस पार्टी के भीतर चले विवाद और अनुशासन से जुड़े मामले के बीच लिया गया है।मामला कोंडा सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। इन टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस के भीतर नाराजगी सामने आई थी और सत्तारूढ़ दल के कुछ विधायकों ने कोंडा सुरेखा से माफी मांगने की मांग की थी।
बेटी के कथित बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद उस समय बढ़ा जब वारंगल जिले के परकाला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कोंडा सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ कथित टिप्पणियां की गईं।मामला सामने आने के बाद कांग्रेस संगठन ने इसे गंभीरता से लिया। पार्टी की अनुशासन समिति ने इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए नुकसानदेह माना और कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की।
25 अगस्त को अनुशासन समिति ने सौंपी रिपोर्ट
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) की अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को अपनी रिपोर्ट राज्य कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी थी। रिपोर्ट में कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई थी।समिति का कहना था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ उनकी बेटी की ओर से की गई टिप्पणियों की कोंडा सुरेखा को सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिए थी।रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सुरेखा पर इससे पहले भी पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। इसी आधार पर मामले को पार्टी ने गंभीरता से लिया।
कारण बताओ नोटिस का सुरेखा ने दिया था जवाब
अनुशासन समिति की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में कोंडा सुरेखा ने अपनी बेटी के बयानों से खुद को अलग कर लिया था।उन्होंने कहा था कि परकाला में उनकी बेटी द्वारा की गई टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं। सुरेखा का तर्क था कि बेटी की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।सुरेखा ने अनुशासन समिति से उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस लेने का भी आग्रह किया था।
दिल्ली बैठक के बाद हुआ फैसला
कोंडा सुरेखा के खिलाफ कार्रवाई का फैसला दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। मामले को सुलझाने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को सुरेखा को दिल्ली बुलाया था।बैठक में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और उपमुख्यमंत्री के अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी दिल्ली पहुंचे थे। बैठक के बाद कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाने का फैसला सामने आया।
विधायकों ने भी की थी माफी की मांग
विवाद के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ विधायकों की ओर से कोंडा सुरेखा से माफी मांगने की मांग की गई थी। इसके बाद सुरेखा ने अपना पक्ष पार्टी नेतृत्व के सामने रखा था।हालांकि, अनुशासन समिति की रिपोर्ट और दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अब उनके खिलाफ बड़ा राजनीतिक कदम उठाया गया है।