ठाणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के ठाणे में 17 वर्षीय एक छात्र की मौत से इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। छात्र ने 12वीं की विज्ञान शाखा की बोर्ड परीक्षा में 95.7 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पुलिस के मुताबिक, पसंदीदा संस्थान में दाखिला नहीं मिलने के बाद वह कथित तौर पर मानसिक तनाव से गुजर रहा था। घटना 4 सितंबर की शाम ठाणे के घोड़बंदर रोड स्थित हीरानंदानी एस्टेट परिसर में हुई। पुलिस के अनुसार, छात्र ने परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक संदेश भेजा, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद वह सोसायटी की बहुमंजिला इमारत के नीचे गंभीर हालत में मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
साइकिल चलाने की बात कहकर घर से निकला था छात्र
पुलिस के अनुसार, छात्र अपने परिवार के साथ घोड़बंदर रोड स्थित हीरानंदानी एस्टेट की एक हाउसिंग सोसायटी में रहता था। 4 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे वह परिवार से साइकिल चलाने की बात कहकर घर से निकला था। करीब 8:15 बजे परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप पर उसका एक संदेश आया। संदेश देखकर परिजन घबरा गए और उसे फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद परिवार ने कासारवडवली पुलिस को इसकी जानकारी दी।
22वीं मंजिल के रिफ्यूज एरिया तक पहुंचा
पुलिस और परिजनों ने छात्र की तलाश शुरू की। कुछ समय बाद वह सोसायटी के टावर के नीचे फुटपाथ पर गंभीर हालत में मिला। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, छात्र अपनी साइकिल छोड़कर टावर की 22वीं मंजिल पर स्थित रिफ्यूज एरिया तक गया था। वहां से गिरने के बाद वह नीचे मिला। उसे तत्काल ठाणे सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
95.7% अंक, फिर भी पसंदीदा संस्थान में नहीं मिला दाखिला
पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्र ने हाल ही में 12वीं विज्ञान की परीक्षा में 95.7 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वह पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित IIEST शिवपुर के पांच वर्षीय BS-MS डुअल डिग्री कार्यक्रम में दाखिला लेना चाहता था। बताया गया है कि संबंधित एप्टीट्यूड टेस्ट में उसकी रैंक 10,474 आई थी और उसे मनचाहे संस्थान में सीट नहीं मिल सकी। परिवार के अनुसार, इसके बाद वह काफी निराश और मानसिक दबाव में रहने लगा था। हालांकि, छात्र की मौत का कारण केवल कॉलेज में दाखिला न मिलना था, यह निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने से पहले निश्चित रूप से नहीं निकाला जा सकता।
परिवार ने किसी साजिश की आशंका से किया इनकार
कासारवडवली पुलिस ने छात्र के पिता के बयान के आधार पर BNSS की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, परिवार ने किसी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की आशंका नहीं जताई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी परिस्थितिजन्य पहलुओं की जांच कर रही है। छात्र के मोबाइल फोन, संदेश और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
पढ़ाई के दबाव को लेकर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और प्रतियोगी प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े मानसिक तनाव को लेकर सवाल खड़े करती है। अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद पसंदीदा संस्थान में दाखिला नहीं मिलना कुछ छात्रों के लिए बेहद निराशाजनक हो सकता है। ऐसे समय में परिवार, शिक्षक और दोस्तों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि कोई छात्र लगातार निराशा, अलगाव या अत्यधिक तनाव के संकेत दे रहा हो, तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय तुरंत भावनात्मक और पेशेवर सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
नोट: इस खबर में नाबालिग की पहचान से जुड़ी निजी जानकारी जानबूझकर सीमित रखी गई है। घटना को लेकर पुलिस जांच जारी है।