नई दिल्ली- जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी सेक्टर के मायन इलाके में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव के कारण घोरेताल नाला अपना रास्ता बदल गया, जिससे मुकामपुरान गांव चारों ओर से पानी और मलबे से घिर गया। कई परिवार अपने घरों में फंस गए और गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पानी का बहाव थोड़ा कम होते ही जवानों ने जोखिम उठाकर गांव में प्रवेश किया और फंसे हुए ग्रामीणों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर मुख्य गांव में पहुंचाया।
सेना ने समय रहते बचाई कई जिंदगियां
बाढ़ के साथ आए मलबे ने गांव तक पहुंचने वाले रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया था। ऐसे में सेना के जवानों ने कठिन परिस्थितियों के बीच राहत अभियान चलाया और सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सेना की त्वरित कार्रवाई के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
ग्रामीणों ने सेना का जताया आभार
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना की तत्परता और साहस की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि समय पर मदद नहीं मिलती तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
प्रशासन हालात पर रखे हुए है नजर
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां प्रभावित इलाके में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं। मौसम विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास न जाने की सलाह दी है।