नई दिल्ली: स्टार पहलवान विनेश फोगाट Vinesh Phogat सिर्फ कुश्ती के रिंग में ही नहीं, बल्कि उसके बाहर कानूनी लड़ाई में भी अजेय साबित हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए विनेश फोगाट को शनिवार 30 मई से शुरू होने वाले एशियन गेम्स (Asian Games) के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया।
साल 2024 के पेरिस ओलंपिक में वजन बढ़ने के कारण अयोग्य घोषित होने और फिर दिल टूटने के बाद विनेश ने कुश्ती से संन्यास ले लिया था। इसके बाद मां बनने के महज पांच महीने बाद ही उन्होंने मैट पर दोबारा वापसी करने का एक साहसी फैसला लिया।
कुश्ती संघ ने नया नियम बनाकर रोका था रास्ता
विनेश फोगाट ने इस महीने के अंत में होने वाली नेशनल ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता के जरिए वापसी की योजना बनाई थी, क्योंकि इस टूर्नामेंट में पदक जीतने पर सीधे एशियन गेम्स के ट्रायल्स का टिकट मिलना था। लेकिन भारतीय कुश्ती संघ ने ऐन वक्त पर नए नियमों का हवाला देते हुए विनेश की वापसी का रास्ता बंद करने की कोशिश की। संघ ने घोषणा कर दी कि ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के पदक विजेता ट्रायल्स में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
फेडरेशन के इस मनमाने फैसले के खिलाफ विनेश ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा था कि फेडरेशन की चयन नीति विनेश जैसी स्टार पहलवान को ट्रायल्स से बाहर नहीं रख सकती। कोर्ट ने आदेश दिया कि 30 और 31 मई को होने वाले ट्रायल्स में विनेश को मौका दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- "विनेश ने देश को गौरवान्वित किया है"
दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए भारतीय कुश्ती संघ ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर कर दी थी। शुक्रवार को हुई इस बेहद अहम सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने कुश्ती संघ को आड़े हाथों लिया।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: मामले की सुनवाई करते हुए जजों ने कहा, "विनेश फोगाट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश को गौरवान्वित किया है। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने जिस तरह से इस मामले में फैसला लिया है, उस प्रक्रिया पर कुछ कानूनी सवाल जरूर उठते हैं, लेकिन इसके बावजूद हम विनेश को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति देते हैं।"
पेरिस ओलंपिक के विवाद को बनाया जा रहा था हथियार
सूत्रों के मुताबिक, 2024 पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट का वजन निर्धारित श्रेणी (50 किलोग्राम) से महज कुछ ग्राम ज्यादा होने के चलते उन्हें फाइनल मैच से पहले अयोग्य कर दिया गया था। कुश्ती संघ इसी पुराने विवाद और वजन के मुद्दे को हथियार बनाकर उन्हें एशियन गेम्स के ट्रायल्स से दूर रखने की कोशिश में जुटा था।
लेकिन देश की शीर्ष अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कुश्ती संघ की सभी चालें नाकाम हो गई हैं। विनेश फोगाट अब शनिवार से पूरी ताकत के साथ एशियन गेम्स के टिकट के लिए ट्रायल्स के दंगल में दमखम दिखाती नजर आएंगी।