कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय ने राज्य के विभिन्न जिलों और यूनिट्स में तैनात पुलिस कर्मियों और 'सहायक' कर्मियों के कामकाज को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। मुख्यालय के संज्ञान में आया है कि 'डेवलपमेंट, वेलफेयर एंड ग्रीवांस रिड्रेसल' (DWGR) कमेटी में प्रतिनियुक्त कई सदस्य अपनी सरकारी ड्यूटी का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल पुलिस (WBPD) द्वारा जारी एक आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न जिलों, पुलिस थानों और अन्य इकाइयों में DWGR कमिटी के लिए तैनात पुलिसकर्मी और सहायक कर्मचारी अपनी नियमित सरकारी ड्यूटी से नदारद पाए गए हैं।
मुख्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई है कि जिन सदस्यों को विकास, कल्याण और शिकायत निवारण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए लगाया गया था, वे अपने उत्तरदायित्वों को पूरा करने में विफल रहे हैं।
मुख्यालय का सख्त निर्देश
पुलिस महानिरीक्षक (DIG - Planning & Welfare) की ओर से जारी इस पत्र में सभी पुलिस अधीक्षकों (SPs), पुलिस आयुक्तों (CPs), और बटालियन कमांडेंट को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:
- इस लापरवाही पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
- DWGR कमिटी में तैनात इन कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नियमित सरकारी ड्यूटी (Normal Govt. Duty) में तैनात किया जाए।
- यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की शिथिलता न रहे।
इन अधिकारियों को किया गया सूचित
यह आदेश राज्य के सभी महत्वपूर्ण पुलिस विंग्स को भेजा गया है, जिसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), सीआईडी (CID), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), और ट्रैफिक पुलिस सहित सभी रेंज डीआईजी और आईजी शामिल हैं।