क्या बोले ऊर्जा मंत्री?
ऐसे में आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, यूपी से अक्टूबर से फरवरी के बीच बिजली ली जाती थी। इसे मार्च से सितम्बर के बीच लौटाना होता है। प्रदेश में 18000 मेगावाट उत्पादन बढ़ाने के लिए एमओयू, कॉन्ट्रेक्ट किए हैं। 3 थर्मल प्लांट कोटा, झालावाड़, बारां में लगेंगे। राजस्थान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि "बिजली संकट से निपटने हम खुद बिजली प्रोडयूज करेंगे। राज्यों से बिजली की बैंकिंग (लेन-देन) अब राजस्थान में नहीं किया जाएगा।"पीक गर्मी में 3700 लाख यूनिट तक डिमांड
इस साल मई में प्रदेश में रोज की बिजली (Rajasthan News) की डिमांड 3700 लाख यूनिट पर पहुंच गई। 200 से 300 लाख यूनिट की रोजाना की अतिरिक्त जरूरत पड़ी।- तीन नए थर्मल प्लांट से 9 से 10 हजार मेगावाट बिजली का जनरेशन बढ़ाएंगे। राजस्थान में चार थर्मल प्लांट हैं।
- सोलर से 4 हजार मेगावाट बिजली जनरेशन किया जाएगा।
- पम्प स्टोरेज प्लांट बनाए जाएंगे, इनसे 4 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाएगा। हाईट पर पानी स्टोर कर उससे बिजली बनाई जाएगी, जिसका पीक आवर्स में इस्तेमाल किया जा सके।
लेन-देन का गणित
- अक्टूबर 23 से फरवरी 24 तक दूसरे राज्यों से 34800 लाख यूनिट बिजली ली। अप्रैल में 6086, मई में 5564 लाख यूनिट बिजली लौटाई।
- जून में 4198, जुलाई में 6548 लाख यूनिट लौटाएंगे। इस हिसाब से अप्रैल में हर दिन 200 लाख, मई में 180 लाख, जून में 140 लाख यूनिट बिजली लौटाई।