क्या बोले सीएम भजनलाल?
जयपुर में 4 महीने पहले गुजरात में के गेमिंग जोन में हुए हादसे के बाद सर्वे किया गया था। जहां 6 गेम जोन और 2 कोचिंग इंस्टीट्यूट के साथ 12 कॉमर्शियल सीज किए गए थे। जबकि कोटा जैसे शहर में सर्वे तक नहीं हुआ। तर्क ये दिया गया- बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था होती है, इसके लिए पहले से निर्देश है। अब हम सर्वे शुरू कर रहे हैं। वहीं सीएम ने भी कहा है- नियम के विरूद्ध चलने वाले ऐसे संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में जयपुर और कोटा में निगम की टीमों की ओर से बेसमेंट में चल रहे कोचिंग और लाइब्रेरी पर एक्शन लेते हुए उन्हें सीज किए गए।तुरंत कार्रवाई के आदेश
दिल्ली में तीन बच्चों की मौत के बाद राजस्थान सरकार ने भी एक्शन की तैयारी कर ली है। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने प्रदेशभर के नगर निगम नगर, विकास प्राधिकरण और नगर पालिकाओं को अपने क्षेत्र में बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक गतिविधियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उनमें किसी तरह की कमी पाए जाने पर सीज की कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं।सीएम भजनलाल ने एक्स पर किया पोस्ट
सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से हमारी सरकार की ओर से नगरीय क्षेत्रों में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने केलिए प्राधिकारणों, न्यासों, नगर निगमों, परिषदों व पालिकाओं को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।इन नियमों का करना होगा पालन, 15 दिन का समय दिया
- मल्टी स्टोरी और हाईराइज बिल्डिंग में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने और बाहर जाने के लिए मुख्य और वैकल्पिक रास्ते (सीढ़ियों) के अलावा बेसमेंट के लिए भी वैकल्पिक रास्ता होना जरूरी है।- कॉमर्शियल इस्तेमाल होने पर बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर निकास के लिए 15 मीटर से अधिक न चलना पड़े। अगर वहां फायर इक्विपमेंट लगे हुए है तो निकास के रास्ते को 22.5 मीटर तक लंबा रखा जा सकता है।
- बेसमेंट में किसी भी तरह के ज्वलनशील और हानिकारक पदार्थ का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। जिससे वहां रहने वाले लोगों की जान किसी भी स्थिति में जोखिम में आए।
- अग्निशमन सुरक्षा हेतु एनबीसी के प्रावधान नियमों का पालन करते हुए स्थानीय निकाय के अग्निशमन अधिकारी द्वारा कॉमर्शियल कॉम्पलेक्सों, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, शैक्षणिक और हॉस्पिटल उपयोगों के भवन (बिल्डिंग) कोचिंग सेंटर, हॉस्टल (छात्रावास), होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम (सभागर) का नियमित निरीक्षण कर अग्निशनम संबंधित प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित की जाए।
- प्रदेशभर में जहां भी निरीक्षण के दौरान अग्निशमन सुरक्षा में कमी या फिर लापरवाही पाई जाती है तो अग्निशमन अधिकारी द्वारा 15 दिन में बदहाल व्यवस्था को सुधारने का नोटिस दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी अग्निशमन सुरक्षा में कमी पाई गई। तो संबंधित बिल्डिंग (भवन) के खिलाफ सीज की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदेशभर में जहां पर भी बेसमेंट में कॉमर्शियल गतिविधियां कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है। वहां हवा और पानी के निकास की पुख्ता व्यवस्था होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रेजिडेंशियल एरिया में ज्वलनशील पदार्थ का स्टोरेज और कॉमर्शियल एक्टिविटी का संचालन पूरी तरह बंद करवाया जाए।