वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों से अमृत की रक्षा के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। इस एकादशी का व्रत और दान-पुण्य जीवन के पापों को दूर कर सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
जल दान से मिलेगा पुण्य और शांति
भीषण गर्मी के बीच प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इस दिन प्याऊ लगवाना या ठंडा पानी, शरबत और पना बांटना न सिर्फ दूसरों को राहत देता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है।
अन्न दान से भरे रहेंगे घर के भंडार
हिंदू परंपरा में अन्न दान को सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन गेहूं, चावल, जौ या सत्तू का दान करना बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि इससे घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
फल दान से मजबूत होगा भाग्य
पीले फल जैसे आम, केला, खरबूजा और तरबूज दान करना विशेष लाभकारी माना जाता है। इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है और धन व संतान सुख में वृद्धि होती है।
जरूरतमंदों को दें उपयोगी वस्तुएं
इस दिन वस्त्र, छाता या जूते-चप्पल का दान करना भी शुभ माना जाता है। ये चीजें जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं और जीवन की बाधाएं कम करती हैं।
तिल-गुड़ और विशेष दान का महत्व
तिल और गुड़ का दान कर्ज और बीमारी से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। सामर्थ्य अनुसार सोना या सिक्का दान करना भी दरिद्रता दूर करने वाला बताया गया है।
दान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
दान हमेशा सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले करना चाहिए। दान करते समय अहंकार न रखें और इसे ईश्वर की सेवा भाव से करें। शाम को तुलसी के पास दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।