कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और खेल जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस नेता और बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष ने मोहुन बागान क्लब के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार शाम उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर इस्तीफे की चिट्ठी साझा कर इस फैसले की जानकारी दी।
एक्स पर पोस्ट की इस्तीफे की चिट्ठी
कुणाल घोष ने क्लब अध्यक्ष देवाशीष दत्ता को संबोधित अपना इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। पोस्ट सामने आते ही बंगाल के खेल और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। मोहुन बागान जैसे ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित क्लब से उनके अचानक इस्तीफे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘किसी दबाव में नहीं लिया फैसला’
हालांकि, इस्तीफे के बाद किसी तरह की अटकलों पर विराम लगाते हुए कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत कारणों से लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के पीछे न तो कोई राजनीतिक दबाव है और न ही क्लब के भीतर किसी तरह का विवाद जिम्मेदार है।
मोहुन बागान में मचा हलचल का माहौल
कुणाल घोष के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मोहुन बागान क्लब के भीतर हलचल का माहौल देखा जा रहा है। क्लब के सदस्यों और समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, क्लब प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या है आगे की रणनीति?
अब सवाल यह उठ रहा है कि मोहुन बागान क्लब के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी और क्या कुणाल घोष भविष्य में क्लब से किसी अन्य रूप में जुड़े रहेंगे। फिलहाल, उनके इस अचानक फैसले ने खेल और राजनीति दोनों जगत में हलचल बढ़ा दी है।