नई दिल्ली. पिछले कई दिनों से उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अनेक हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान राहत लेकर आया है। विभाग के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय हो रही मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ घंटों के भीतर मौसम का रुख तेजी से बदल सकता है। कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गर्जन-तर्जन की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाए
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में आंधी के दौरान हवाओं की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को खुले स्थानों, कमजोर निर्माणों और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और दृश्यता में कमी की स्थिति भी बन सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।
इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी आने की संभावना है। कई क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर वर्षा की तीव्रता और हवाओं की गति में भिन्नता देखी जा सकती है, लेकिन अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने के संकेत स्पष्ट हैं।
तापमान में 2 से 8 डिग्री तक गिरावट के संकेत
भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत तापमान में संभावित कमी को लेकर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अनेक क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान तापमान में 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लू की तीव्रता कम होगी और दिन के समय महसूस होने वाली गर्मी में उल्लेखनीय राहत मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव कृषि, जल संसाधनों और आम जनजीवन के लिए भी सकारात्मक साबित हो सकता है।
दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी
जहा उत्तर और मध्य भारत आंधी तथा छिटपुट वर्षा के प्रभाव में रहेंगे, वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार वर्षा के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भी बरसेगा आसमान
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, गर्जन-तर्जन और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। इन क्षेत्रों में पहले से ही पर्याप्त वर्षा हो रही है, जिसके कारण नदियों के जलस्तर और भूस्खलन संभावित इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मॉनसून की प्रगति के लिए बन रही हैं अनुकूल परिस्थितिया
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के शेष हिस्सों में मॉनसून की आगे बढ़ने की प्रक्रिया के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। समुद्री क्षेत्रों में विकसित हो रही अनुकूल वायुमंडलीय स्थितियां आने वाले दिनों में मॉनसून की प्रगति को गति दे सकती हैं। हालांकि केरल में मॉनसून की आधिकारिक दस्तक के लिए अभी कुछ समय और प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
28 मई से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। यह प्रणाली जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में भी तापमान नियंत्रण में रहने के संकेत मिल रहे हैं।
राहत के साथ सतर्कता भी जरूरी
मौसम में होने वाला यह बदलाव गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हुए हैं। तेज हवाएं, बिजली गिरने की घटनाएं और अचानक होने वाली भारी वर्षा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों को मौसम संबंधी ताजा सूचनाओं पर नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है, जिससे लंबे समय से जारी प्रचंड गर्मी के दौर पर कुछ हद तक विराम लग सकता है।