अयोध्या- अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच कर रही SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। 20 पन्नों की इस रिपोर्ट में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर FIR दर्ज करने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम सिफारिशें की गई हैं। रिपोर्ट में मंदिर के लिए किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को CEO नियुक्त करने का सुझाव भी दिया गया है।
150 लोगों से पूछताछ, सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार SIT ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में अब तक 150 लोगों से हुई पूछताछ और जुटाए गए तथ्यों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी ने मामले की विस्तृत पड़ताल के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा है।
पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की सिफारिश
रिपोर्ट में पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश की गई है। SIT का मानना है कि इससे दान राशि और अन्य चढ़ावों के उपयोग की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही चढ़ावे के प्रबंधन में सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसी कारण ट्रस्ट को दोबारा गठित करने और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की सिफारिश की गई है। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार इस रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज सकती है।
2 करोड़ रुपये की रिकवरी, जांच का दायरा बढ़ा
राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की निशानदेही पर अब तक करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। जांच के दौरान सोना और अन्य कीमती सामान भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती आकलन में कथित अनियमितता की रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
FIR की मांग को लेकर श्रीराम सेना पहुंची थाने
मामले को लेकर श्रीराम सेना ने राम जन्मभूमि थाने में ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहेगी।
200 किलो चांदी के दान पर भी उठे सवाल
विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी ने दावा किया है कि वर्ष 2021 में सिंधी समाज की ओर से करीब 200 किलो चांदी मंदिर ट्रस्ट को दान की गई थी। उनका आरोप है कि इस दान का कोई स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। संगठन ने चांदी के उपयोग और रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की मांग की है।
आगे केंद्र सरकार के फैसले पर नजर
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार जांच रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज सकती है। इसके बाद ट्रस्ट के पुनर्गठन और सदस्यों की भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।