उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और हाफ-वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण के लिए प्रति व्यक्ति मासिक अनुदान राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में उन्हें पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की लागत को देखते हुए भरण-पोषण के लिए मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाना जरूरी था।
दिव्यांगजनों के सम्मान और आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिव्यांगजनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भर जीवन को सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में नियमित रूप से सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाएं और पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने श्रवण बाधित बच्चों की जल्द पहचान कर समयबद्ध तरीके से कॉक्लियर इम्प्लांट कराने तथा उपचार के बाद उनके समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
विशेष विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की सभी योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, शैक्षिक और भौतिक पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
उन्होंने विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक सुविधाओं और बाधारहित वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
विभाग की उपलब्धियां भी सामने आईं
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि विभाग दिव्यांग पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल योजना, कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम, विशेष विद्यालय, बचपन डे-केयर सेंटर, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र और रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा जैसी कई योजनाएं संचालित कर रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन योजना का लाभ मिला। इसी अवधि में 34,420 लाभार्थियों को 43,689 सहायक उपकरण वितरित किए गए। वहीं 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया और चालू वित्तीय वर्ष में 68 जिलों से 335 बच्चों की पहचान की जा चुकी है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2017 तक प्रदेश के केवल 10 जिलों में बचपन डे-केयर सेंटर संचालित थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है और 28 अन्य जिलों में नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी तरह विशेष विद्यालयों की संख्या 16 से बढ़कर 28 हो गई है, जहां दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।