मथुरा में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल बिजली और पानी के नजरिए से देखने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, विकास के नाम पर हमारी विरासत का भी अपमान किया गया और विदेशी आक्रमणकारियों ने देश की सांस्कृतिक विरासत को नष्ट करने का प्रयास किया।जन्माष्टमी से पहले मथुरा में दिए गए मुख्यमंत्री के इस संबोधन को राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
'विदेशी आक्रमणकारियों ने विरासत को नष्ट करने का प्रयास किया'
सीएम योगी ने कहा कि भारत ने लंबे समय तक विदेशी आक्रमणों का सामना किया है। उनके अनुसार, कई आक्रमणकारियों ने भारत की परंपराओं और विरासत को समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन वे भारतीय समाज की स्मृति और परंपरा को मिटाने में सफल नहीं हुए।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास सनातन की निरंतरता का इतिहास है। उन्होंने ब्रज की पहचान को भी इसी सांस्कृतिक निरंतरता से जोड़ते हुए कहा कि यही सनातन की शक्ति है।
काशी और अयोध्या का उदाहरण दिया
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी और अयोध्या का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि काशी में मंदिर को औरंगजेब ने तोड़ा था, लेकिन वहां की परंपरा समाप्त नहीं हुई।योगी ने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। इसी तरह उन्होंने अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मंदिर को तोड़कर मस्जिद का ढांचा बनाया गया, लेकिन सनातन की भावना लगातार आगे बढ़ती रही और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।उन्होंने कहा कि भारत को समझने के लिए उन संतों और क्रांतिकारियों के जीवन एवं योगदान को पढ़ना जरूरी है, जिन्होंने इस परंपरा को जीवित रखने में योगदान दिया।
'2017 से पहले उत्सव मनाना मुश्किल था'
मुख्यमंत्री ने उत्तरप्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जिस तरह की अराजकता और उपद्रव का माहौल था, उसमें उत्सवों की कल्पना करना भी कठिन था।योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू मुक्त है और प्रदेश में उत्सवों का आयोजन बिना भय के हो रहा है। उन्होंने कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कांवड़ यात्रा निकाली।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि उत्तर प्रदेश पिछले साढ़े नौ साल से दंगा और कर्फ्यू से मुक्त है।
मेरठ और लखनऊ के दंगों का किया जिक्र
सीएम योगी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के पुराने कानून-व्यवस्था के हालात का जिक्र करते हुए मेरठ और लखनऊ में होने वाले दंगों की बात कही।उन्होंने जून 2016 की जवाहर बाग घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें 29 लोगों की मौत का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और उत्सव उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं।
'उत्सव हमारी पहचान बन चुकी है'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी प्रदेश की पहचान उसकी स्मृतियों, संस्कृति और जड़ों से होती है। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत को समझने के लिए इतिहास को समझना जरूरी है।मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव के साथ अब उत्सव भी प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि वास्तव में यही परिवर्तन है।
1,051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुल 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।जन्माष्टमी से पहले मथुरा में आयोजित इस कार्यक्रम में विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों मुद्दे मुख्यमंत्री के संबोधन के केंद्र में रहे। एक तरफ उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को रेखांकित किया, वहीं दूसरी ओर मथुरा, काशी और अयोध्या के संदर्भ में सनातन परंपरा की निरंतरता पर जोर दिया।