लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग देखने को मिल रहा है। राजधानी लखनऊ में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश ने लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत दिलाई। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों में साफ दिखाई दे रहा है। कई जिलों में जलस्तर बढ़ने से कटान, जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।
लखनऊ में दोपहर बाद अचानक बदला मौसम
मंगलवार सुबह राजधानी लखनऊ में तेज धूप खिली हुई थी और लोग उमस भरी गर्मी से परेशान थे। दोपहर करीब 3:15 बजे अचानक मौसम बदला, आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। तेज हवा और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।इससे पहले सोमवार देर रात महराजगंज और देवरिया जिले में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई थी।
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा
उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने से घाटों के किनारे बनी कई दुकानों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिजनौर में मालन नदी उफान पर
बिजनौर जिले में मालन नदी भी उफान पर बह रही है। नदी का पानी कई छोटे पुलों के ऊपर से गुजर रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से नदी और पुलों के पास न जाने की अपील की है।
बलिया में कटान से 150 परिवारों ने छोड़े घर
बलिया जिले में सरयू और घाघरा नदी के किनारों पर तेज कटान शुरू हो गई है। कटान के कारण बांसडीह क्षेत्र के करीब 150 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के लिए राहत और सुरक्षा की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है।
बागपत में यमुना में बहा किशोर, लोगों ने बचाई जान
बागपत जिले में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज बहाव बना हुआ है। इसी दौरान 14 वर्षीय एक किशोर नदी में बह गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील की है।
पश्चिमी यूपी में अगले कुछ दिन कमजोर रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क हवाओं के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी बादलों की सक्रियता कम हो गई है। इसके चलते अगले छह से सात दिनों तक पश्चिमी यूपी में व्यापक बारिश की संभावना कम है। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
प्रदेश में सामान्य से 22 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के केवल 11 शहरों में ही बारिश दर्ज की गई। जहां औसतन 9.7 मिमी वर्षा का अनुमान था, वहीं वास्तविक वर्षा केवल 1.5 मिमी रिकॉर्ड की गई।1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश में कुल 163.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य औसत से लगभग 22 प्रतिशत कम है। इस अवधि में महराजगंज में सबसे अधिक 49.3 मिमी और सिद्धार्थनगर में 37.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। जिन क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है या कटान की स्थिति बनी हुई है, वहां रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। वहीं नदी किनारे रहने वाले लोगों से अनावश्यक जोखिम न लेने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया गया है।