लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29-09-2026 से शुरू हो रही है। इन 10 सीटों में से आठ पर भाजपा और एक-एक पर समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी काबिज हैं। इस बार ये सीटें मुख्य रूप से भाजपा और सपा में बंटेंगी। बसपा के एकमात्र राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होते ही संसद के उच्च सदन में बसपा शून्य हो जाएगी। भाजपा के यूपी से आठ राज्यसभा सांसदों में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी शामिल हैं। पार्टी इस बार चौंकाने वाले फैसले ले सकती है।
स्मृति ईरानी को मिल सकता है टिकट
पार्टी की योजना इस बार अधिकांश नए चेहरे उतारने की है। यूपी कोटे से राज्यसभा सदस्य दो केंद्रीय मंत्रियों के रिपीट होने को लेकर संशय है। भाजपा यूपी कोटे में राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी दोनों को राज्यसभा भेज सकती है। स्मृति ईरानी का प्रयोग पार्टी यूपी से लेकर केंद्र तक कर सकती है और वह महिला कोटा भी पूरा करेंगी। डॉक्टर दिनेश शर्मा अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के चलते 11-09-2026 को इस्तीफा दे चुके हैं। उनकी जगह ब्राह्मण कोटे में हरीश द्विवेदी पर दांव लगाया जा सकता है।
नए चेहरों की तलाश
गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी की जगह भी पार्टी नए चेहरे तलाश रही है। गीता की जगह उनके सजातीय ममतेश शाक्य सहित कई चेहरे रेस में हैं। ओबीसी कोटे में प्रकाश पाल भी दावेदार हैं जो फिलहाल पार्टी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। दलित चेहरों में विद्यासागर की भी दावेदारी है। यदि बीएल वर्मा का टिकट कटा तो राज्यसभा जाने वालों की सूची में राजवीर सिंह राजू का नाम जुड़ सकता है। पार्टी सामाजिक समीकरण पर फोकस कर रही है और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है।
संख्या बल और समीकरण
मौजूदा विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा को सर्वाधिक सीटें मिलने की संभावना है जबकि उसके बाद सपा का प्रतिनिधित्व होगा। हाल ही में आगरा की फतेहाबाद सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 255 अपना दल सोनेलाल के 13 राष्ट्रीय लोक दल के नौ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक शामिल हैं। इस संख्या बल के आधार पर भाजपा अपनी सीटें सुरक्षित रखने की स्थिति में है।
बसपा की स्थिति और अन्य दावेदार
बसपा के एकमात्र राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म होने के बाद उच्च सदन में पार्टी का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा। भाजपा नए चेहरों के साथ सामाजिक समीकरण साधने पर जोर दे रही है। ओबीसी दलित और महिला कोटे को ध्यान में रखकर नामों पर विचार चल रहा है। कई नाम चर्चा में हैं लेकिन अंतिम फैसला पार्टी की बैठक में लिया जाएगा। सपा भी अपनी एक सीट पर रणनीति बना रही है। पूरे प्रकरण में भाजपा के चौंकाने वाले फैसलों की संभावना बनी हुई है।
बैठक जल्द होने की उम्मीद
भाजपा जल्द ही उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है लेकिन जल्द फैसला लिया जाएगा। एक अन्य नेता ने बताया कि पार्टी कैडर आधारित है और सभी प्रमुख नेताओं से सलाह लेकर फैसले किए जाते हैं। यूपी की 10 राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज है। स्मृति ईरानी समेत नए चेहरों के नाम आने से पार्टी एक बार फिर चौंका सकती है। अंतिम सूची का इंतजार सभी को है।