उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एलपीजी गैस की कमी ने अब केवल रसोई तक ही सीमित नहीं रहकर घरेलू जीवन को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। घुंघटेर थाना क्षेत्र के ग्राम बौधनी मजरे खटोली में एक मामूली विवाद ने परिवार के बिखराव का कारण बन दिया।
घर छोड़कर गई महिला
मामला तब सामने आया जब परिवार के मुखिया ने चूल्हे पर खाना बनाने के लिए पत्नी से कहा। गैस सिलेंडर न होने और दो-चार दिनों के इंतजार के चलते हुई बहस के बाद महिला अपने पांच महीने के दुधमुंहे बच्चे के साथ रहस्यमय तरीके से घर छोड़ गई।
गैस का संकट पारिवारिक जीवन पर पड़ने लगा
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिले में गैस एजेंसियों के बाहर किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं और दो-दो दिन सिलेंडर का इंतजार करना पड़ रहा है। इस संकट का असर अब घरेलू रिश्तों और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ने लगा है।
गैस की कमी, लंबी कतारें और रसोई की परेशानी
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गैस की कमी, लंबी कतारें और रसोई की परेशानियों ने लोगों की मानसिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित किया है। प्रशासन ने स्थिति को सुधारने के लिए आपूर्ति बढ़ाने और फीडबैक सिस्टम मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को मामले में महिला की स्थिति और बच्चे की सुरक्षा की जानकारी जुटाने के लिए कार्रवाई करनी होगी।