लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘सीएम युवा योजना’ के तहत इस वर्ष 1.5 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए बैंकिंग प्रक्रिया और उद्यमिता प्रशिक्षण को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है।
1.5 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
सरकार की योजना के तहत युवाओं को छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए चयनित युवाओं को बैंक लोन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और फाइनेंसिंग प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
क्रेडिट काउंसलर्स देंगे युवाओं को मार्गदर्शन
गोमतीनगर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में ‘सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर्स (CCC)’ तैयार किए जा रहे हैं, जो युवाओं और बैंकों के बीच सेतु का काम करेंगे। पहले चरण में 50 जिलों और दूसरे चरण में 25 जिलों को शामिल किया गया है। कुल 90 काउंसलर्स को प्रदेशभर में तैनात किया जाएगा।
बैंकों और उद्यमियों के बीच बनेगा मजबूत लिंक
यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के अनुसार, ये काउंसलर्स युवाओं को सही लोन योजना, दस्तावेज तैयार करने और सिबिल स्कोर सुधारने में मदद करेंगे। इससे बैंकिंग प्रक्रिया आसान होगी और युवाओं को ऋण मिलने में सुविधा होगी।
MSME सेक्टर को मिलेगी नई ताकत
यह पूरी पहल MSME सेक्टर को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। योजना के तहत युवाओं को सही वित्तीय योजना और प्रोजेक्ट तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे रोजगार और उद्यमिता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
RBI मानकों पर आधारित है योजना
यह सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर (CCC) कोर्स भारतीय रिज़र्व बैंक की वित्तीय समावेशन सिफारिशों पर आधारित है। इसमें सिडबी और आईआईबीएफ की अहम भूमिका है।