रानाघाट: रानाघाट पुलिस जिले के साइबर क्राइम थाने ने करीब 24 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश से दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान जुनैदु तुकुर सानी और अलियु सानी गरबा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से जुड़े इस मामले की जांच के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे। डिजिटल लेनदेन और बैंकिंग गतिविधियों की पड़ताल के जरिए जांच को आगे बढ़ाया गया। तकनीकी स्तर पर लगातार निगरानी के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद अब पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
24 लाख की साइबर ठगी का मामला
मामला करीब 24 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी से जुड़ा है। शिकायत सामने आने के बाद रानाघाट पुलिस जिले के साइबर क्राइम थाने ने जांच शुरू की। जांच अधिकारियों ने लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड को खंगालते हुए पैसों के प्रवाह का पता लगाने की कोशिश की। इसी दौरान कई बैंकिंग गतिविधियां जांच के दायरे में आईं। पुलिस ने डिजिटल माध्यम से हुई गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी सूचनाओं का भी विश्लेषण किया। जांच में सामने आए सुरागों को आपस में जोड़कर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद आरोपियों की मौजूदगी से जुड़ी जानकारी जुटाकर कार्रवाई की तैयारी की गई।
मनी ट्रेल और तकनीकी जांच से खुला सुराग
पुलिस की जांच में एनसीआरपी से मिले मनी ट्रेल को अहम माना जा रहा है। अधिकारियों ने कथित ठगी की रकम के लेनदेन और उसके आगे के प्रवाह की पड़ताल की। इसके साथ ही बैंकिंग रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की गई। तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाशे गए। पुलिस टीम ने उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाया। इसके बाद मौके पर सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की गई। इन सभी जानकारियों को मिलाकर जांचकर्ताओं ने आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया।
मध्य प्रदेश से दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस को दोनों संदिग्धों के मध्य प्रदेश में होने की जानकारी मिली। इसके बाद रानाघाट साइबर क्राइम थाने की टीम ने वहां कार्रवाई की। तकनीकी और जमीनी स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान जांच टीम के सामने कई तकनीकी चुनौतियां भी थीं। इसके बावजूद टीम ने लगातार सुरागों पर काम किया और कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी नाइजीरियाई नागरिक बताए गए हैं। अब पुलिस उनकी भूमिका और साइबर ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
अदालत ने 5 दिन की पुलिस हिरासत दी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों की हिरासत की मांग की। अदालत ने मामले की जांच को देखते हुए दोनों को 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस हिरासत के दौरान जांच अधिकारी आरोपियों से साइबर ठगी से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ करेंगे। कथित तौर पर ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया, इसकी भी पड़ताल की जा सकती है। आरोपियों के संपर्क में रहे अन्य लोगों की जानकारी जुटाना भी जांच का हिस्सा है। पुलिस अब पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाएगी।
क्या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं आरोपी?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साइबर ठगी में केवल दो आरोपी शामिल हैं या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा है। आरोपियों के बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी संपर्कों की जांच की जा रही है। उनके संपर्क में आए लोगों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 24 लाख रुपये की रकम किन खातों या माध्यमों से आगे भेजी गई। जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।