कोलकाता/बिधाननगर: पश्चिम बंगाल में 'डीजे केस' (DJ Case) को लेकर घिरे डायमंड हार्बर से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अदालत के कड़े रुख के बावजूद वॉइस सैंपल देने से बच रहे अभिषेक बनर्जी को अब बिधाननगर कोर्ट ने अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया है। बुधवार को तय समय पर अदालत में हाजिर न होने पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए टीएमसी सांसद को 18 जुलाई को तीसरी बार पेश होने का सख्त निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत, फिर भी रहे गैर-हाजिर
बिधाननगर एसीजीएम (ACGM) कोर्ट ने बुधवार सुबह 10:00 बजे अभिषेक बनर्जी को अपनी आवाज का नमूना (Voice Sample) दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट पहुंचे थे सांसद: इस निर्देश को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को ही कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, हाईकोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली और अदालत ने बिधाननगर कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
इंतजार कर लौट गए विशेषज्ञ: हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को उनका अदालत आना तय माना जा रहा था। कोर्ट में सरकारी वकील बिभास चटर्जी, सीआईडी (CID) के आला अधिकारी और वॉइस एक्सपर्ट (कंठस्वर विशेषज्ञ) समय पर पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर ढलने के बाद भी अभिषेक बनर्जी कोर्ट नहीं पहुंचे। यह लगातार दूसरा मौका है जब उन्होंने कोर्ट के समन को दरकिनार किया है।

बार-बार अवमानना पर सीआईडी ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
अभिषेक बनर्जी के अनुपस्थित रहने पर शिकायतकर्ता के वकील राजदीप मजूमदार और सरकारी पक्ष ने कोर्ट के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। वकीलों ने अदालत को बताया कि आरोपी लगातार न्यायिक आदेशों की अवहेलना कर रहा है। जांच अधिकारी और विशेषज्ञ हर बार कोर्ट आकर इंतजार करते हैं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
बार-बार कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) किए जाने का आरोप लगाते हुए सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाने की अर्जी लगाई, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 18 जुलाई की आखिरी तारीख देते हुए अल्टीमेटम जारी कर दिया।
क्या है यह पूरा 'डीजे विवाद' मामला?
यह पूरा विवाद साल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शुरू हुआ था।
मे महीने का विवादित बयान: मई 2026 में बागुईआटी इलाके में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर एक विवादित और तीखा बयान दिया था।
सांसद के कथित बोल: उन्होंने मंच से कहा था, "मैं देखूंगा कि 4 तारीख की रात 12 बजे के बाद कौन बचाने आता है। इन जल्लादों में कितनी ताकत है, और दिल्ली से कौन से 'बाबा' इन्हें बचाने आते हैं, यह मैं देख लूंगा। डीजे तो बजेगा ही, और इतनी जोर से बजेगा कि कान के पर्दे फाड़ दूंगा
दर्ज हुआ मुकदमा: इस भड़काऊ और धमकी भरे बयान के खिलाफ बागुईआटी के एक स्थानीय निवासी ने बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाद में इसकी जांच राज्य की खुफिया एजेंसी सीआईडी (CID) को सौंप दी गई थी।अब देखना यह होगा कि कोर्ट के इस अंतिम अल्टीमेटम के बाद क्या टीएमसी सांसद 18 जुलाई को सीआईडी के सामने अपना वॉइस सैंपल दर्ज कराने के लिए उपस्थित होते हैं या नहीं।