तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का चुनावी प्रचार मंगलवार शाम को थम गया। अब 23 अप्रैल को दोनों राज्यों में मतदान होगा और इसके साथ ही उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक वोटिंग से 48 घंटे पहले प्रचार पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है, जिसके बाद अब किसी भी तरह की रैली या सार्वजनिक प्रचार नहीं हो सकेगा।
तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक साथ मतदान
तमिलनाडु में इस बार सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में वोटिंग होगी। राज्य में कुल 4,023 उम्मीदवार मैदान में हैं, जो अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चुनाव में करीब 5.73 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। कई सीटों पर पार्टी को अच्छा समर्थन मिलने की चर्चा है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।
बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर मुकाबला
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इस चरण में 1,478 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। करीब 3.60 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे, जिनमें बड़ी संख्या में महिला मतदाता भी शामिल हैं। राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान होना है और पहले चरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही।
16 जिलों में होगी वोटिंग
चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होगा। इनमें उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र के जिले शामिल हैं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, बीरभूम, पश्चिम बर्दवान, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा जैसे जिलों में वोट डाले जाएंगे।
4 मई को आएंगे नतीजे
दोनों राज्यों समेत अन्य चुनावी राज्यों की मतगणना 4 मई को होगी। अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और नतीजों पर टिकी हैं, जहां जनता अपने वोट के जरिए अगली सरकार का फैसला करेगी।