कोलकाता: देश में खेलों के विकास और एथलीटों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने अगले पांच वित्तीय वर्षों के लिए 36,441 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस धनराशि का अनुमोदन किया गया। इस बजट का मुख्य इस्तेमाल 'खेलो इंडिया' योजना को मजबूत करने और विभिन्न राष्ट्रीय खेल संघों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
"2030 कॉमनवेल्थ और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को मिलेगी रफ्तार"
पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री इन्द्रनील खां ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।"प्रधानमंत्री जिस प्रकार खेलों और एथलीटों को प्रोत्साहित करते हैं, उसके लिए हम उनके आभारी हैं। भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह बजट हमारे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक पदक जीतने में मदद करेगा।"इन्द्रनील खां, खेल मंत्री (पश्चिम बंगाल)
जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय ट्रेनिंग
बंगाल के खेल मंत्री ने कहा कि 'खेलो इंडिया' के माध्यम से ग्रामीण और जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें पेशेवर स्तर तक पहुंचाना आसान होगा। इस योजना से युवा खिलाड़ियों को आवश्यक कोचिंग, सही पोषण और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान की भी जमकर सराहना की।
बंगाल में खेल ढांचे के विस्तार की उम्मीद
पश्चिम बंगाल का खेल विभाग भी राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है। इसके तहत राज्य में 100 इनडोर स्टेडियमों का निर्माण, स्कूल-कॉलेजों में खेल सुविधाओं का विकास और पदक विजेता खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के दौरान स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की 200 करोड़ रुपये की खेल परियोजना के लिए जमीन आवंटन न होने और 'खेलो इंडिया' के क्रियान्वयन में रुकावट जैसी समस्याएं सामने आई थीं। हालांकि, अब इस विशाल केंद्रीय आवंटन से बंगाल के खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों में विकास की नई उम्मीद जगी है।