पुरुलिया/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के युवाओं, रोजगार और ग्रामीण विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। पुरुलिया के मानबाजार में ₹1,296 करोड़ की पेयजल आपूर्ति परियोजना का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अगले एक साल में राज्य में 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने का दावा किया। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार के एक साल पूरे होने पर अगर उनके कामकाज का मूल्यांकन किया जाए, तो उन्हें 10 में से 9 अंक मिलने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि इससे कम अंक मिलने पर वह जनता के सामने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे।
1 लाख पदों पर भर्ती का दावा
मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार देने की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षक भर्ती, पुलिस विभाग और अन्य प्रशासनिक विभागों में मिलाकर करीब 1 लाख पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उनकी सरकार नियुक्तियों में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देगी। उन्होंने अपने प्रदर्शन को लेकर भी बड़ा दावा किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का एक साल पूरा होने पर वह खुद अपने कामकाज का मूल्यांकन करेंगे और उन्हें 90 फीसदी अंक मिलने की उम्मीद है।
पुरुलिया में ₹1,296 करोड़ की जल परियोजना
मानबाजार में पेयजल आपूर्ति की ₹1,296 करोड़ की परियोजना का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के 80वें वर्ष में भी पुरुलिया के कई इलाकों में लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने दावा किया कि नई परियोजना से क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने में मदद मिलेगी और बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
148 एकड़ में अमित मेटालिक्स परियोजना
मुख्यमंत्री ने पुरुलिया के रघुनाथपुर स्थित दुरमोट मौजा में प्रस्तावित अमित मेटालिक्स प्लांट का भूमि पूजन और शिलान्यास भी किया। करीब 148 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई। सरकार का दावा है कि औद्योगिक परियोजनाओं के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेगा और दूसरे राज्यों की ओर होने वाला पलायन कम किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही अन्य औद्योगिक परियोजनाओं का भी उल्लेख किया और हावड़ा में अमूल की परियोजना तथा बांकुड़ा के मेजिया में स्टील प्लांट जैसी पहलों को सरकार की औद्योगिक नीति का हिस्सा बताया।
ग्रामीण विकास पर ₹3.45 लाख करोड़ खर्च करने का दावा
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने अगले 12 महीनों में विभिन्न योजनाओं के तहत ₹3,45,500 करोड़ खर्च करने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में करीब ₹12,000 करोड़ खर्च कर पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं को गति दी जाएगी। इसके तहत प्रत्येक पंचायत को लगभग ₹50 लाख तक की विकास योजनाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया।
स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात भी कही। उनके अनुसार, नए स्कूलों के निर्माण के साथ मौजूदा स्कूलों में जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने सभी स्कूलों में पेयजल और एक्वागार्ड/RO वाटर प्यूरीफायर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। सरकार के इन रोजगार और विकास संबंधी दावों पर अब अमल और तय समयसीमा में भर्ती व परियोजनाओं की प्रगति पर निगाह रहेगी।