कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस को लेकर कई अहम मुद्दों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 21 जुलाई के कार्यक्रम को लेकर तृणमूल के भीतर गुटबाजी, अभिषेक बनर्जी के वॉइस सैंपल जांच, एयरपोर्ट क्षेत्र में बांकड़ा मस्जिद हटाने की कार्रवाई और सेबाश्रय मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
21 जुलाई को लेकर तृणमूल में गुटबाजी का दावा
दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में कौन आगे है और कौन पीछे, इससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पश्चिम बंगाल को पीछे धकेला, वे अब आपस में ही प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अब उस राजनीति से बाहर निकल रहा है, जिससे बंगाल को नुकसान हुआ था।
अभिषेक बनर्जी के वॉइस सैंपल जांच पर बोले
अभिषेक बनर्जी के वॉइस सैंपल लिए जाने के सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों को किसी मामले में वॉइस सैंपल की आवश्यकता है तो जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उनका कहना था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है।
बांकड़ा मस्जिद हटाने की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
एयरपोर्ट के पास बांकड़ा मस्जिद हटाने की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि यदि कोई अवैध निर्माण विकास कार्यों में बाधा बनता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो अदालत जाना उसका अधिकार है, लेकिन विकास परियोजनाओं को अवैध कब्जों के कारण रोका नहीं जा सकता।
सेबाश्रय मामले में एफआईआर को बताया जांच का हिस्सा
सेबाश्रय मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर दिलीप घोष ने कहा कि किसी को जानबूझकर फंसाया नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पीड़ित शिकायत करता है तो उसकी जांच करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
डॉक्टर के पर्चे और इलाज पर उठाए सवाल
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि बिना डॉक्टर के पर्चे लिखे गए, जबकि स्वयं स्वास्थ्य मंत्री ने भी कहा कि वह डॉक्टर की लिखावट नहीं लगती। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वह पर्चा किसने लिखा, जिसकी वजह से एक व्यक्ति को अपना पैर गंवाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
दिलीप घोष ने कहा कि जिन लोगों ने सत्ता का दुरुपयोग कर जनता के स्वास्थ्य, धन और विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।