हावड़ा: हावड़ा स्टेशन परिसर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चलाए गए उच्छेद अभियान के बाद स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। हॉकर मुक्त होने से अब यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। लेकिन दूसरी ओर, हावड़ा बस टर्मिनस की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है। स्टेशन से हटाए गए अवैध दुकानों का मलबा अब बस स्टैंड के फुटपाथ और यात्री प्रतीक्षा क्षेत्र में फैला हुआ है।
फुटपाथ पर मलबा, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
बस टर्मिनस के विभिन्न हिस्सों में टूटी हुई लकड़ियां, कुर्सियां, टेबल, बांस के टुकड़े और फटी हुई पॉलीथिन बिखरी पड़ी है। इससे यात्रियों के बैठने और आने-जाने की जगह प्रभावित हो गई है। पूरा परिसर किसी कूड़ाघर जैसा दिखाई दे रहा है, जिससे यात्रियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मरम्मत कार्य ने और बढ़ाई मुश्किलें
बस टर्मिनस में यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर शेड की मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। इस कारण टर्मिनस के एक बड़े हिस्से को पहले ही घेर दिया गया है, जिससे उपलब्ध जगह कम हो गई है। ऐसे में उच्छेद अभियान के बाद जमा मलबे ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है।
दोबारा कारोबार शुरू करने की उम्मीद में रखा गया सामान
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, स्टेशन परिसर से हटाए गए कुछ दुकानदारों ने अपना सामान बस टर्मिनस में इस उम्मीद से रख छोड़ा है कि आने वाले दिनों में वे यहां फिर से अपना कारोबार शुरू कर सकेंगे। हालांकि इससे सार्वजनिक स्थान पर अव्यवस्था और भी बढ़ गई है।
हर दिन दुर्घटना का बना रहता है खतरा
हावड़ा बस टर्मिनस से प्रतिदिन शहर और विभिन्न जिलों के लिए सैकड़ों लोकल एवं लंबी दूरी की बसों के साथ ऑटो का संचालन होता है। भारी भीड़ के बीच यात्रियों को खड़े होने तक की पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। लोगों का कहना है कि सामान लेकर बस स्टैंड में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है। फुटपाथ पर जगह न होने के कारण यात्रियों को सड़क पर खड़ा होना पड़ता है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बस टर्मिनस से जल्द मलबा हटाकर परिसर को साफ कराया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके तथा संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।